तक्षशिला को 'प्राचीन पाकिस्तान' का हिस्सा बता बुरे फंसे पाक के राजदूत, ट्विटर पर लगी क्लास

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 14 Dec 2020 12:42 PM IST
पाकिस्तानी राजदूत द्वारा ट्वीट किया गया चित्र
पाकिस्तानी राजदूत द्वारा ट्वीट किया गया चित्र - फोटो : Twitter
विज्ञापन
ख़बर सुनें
भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान ऐसी-ऐसी चालें चलता है, जिनकी वजह से उसकी खुद ही फजीहत हो जाती है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जो प्राचीन भारत के ऐतिहासिक तक्षशिला विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ है। 
विज्ञापन


दरअसल, वियतनाम में पाकिस्तान के राजदूत कमर अब्बास खोकर ने प्राचीन भारत की शान माने जाने वाले तक्षशिला विश्वविद्यालय को 'प्राचीन पाकिस्तान' का हिस्सा बता दिया। पाकिस्तानी राजदूत के इस चौंकाने वाले दावे के बाद ट्विटर पर उनकी क्लास लग गई। हालांकि, जिस अकाउंट से ट्वीट किया गया है, वो वेरिफाइड नहीं है। लेकिन यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। 



पाकिस्तानी राजदूत खोखर ने ट्वीट किया, 'तक्षशिला विश्वविद्यालय की यह तस्वीर है जो फिर से बनाई गई है, यह यूनिवर्सिटी प्राचीन पाकिस्तान में आज से 2700 साल पहले इस्लामाबाद के पास मौजूद थी। इस विश्वविद्यालय में दुनिया के 16 देशों के छात्र 64 अलग-अलग विषयों में उच्चशिक्षा ग्रहण करते थे जिन्हें पाणिनी जैसे विद्वान पढ़ाते थे।' 
 


एक अन्य ट्वीट में पाकिस्तानी राजदूत ने इस झूठे दावे के साथ आगे लिखा, 'दुनिया के पहले भाषाविद् पाणिनी और दुनियाभर में बहुचर्चित राजनीतिक दार्शनिक चाणक्य दोनों ही प्राचीन पाकिस्तान के बेटे थे।' इसके अलावा उन्होंने अपनी फर्जी बात को सच साबित करने के लिए दो वीडियो भी साझा किए। 

हालांकि, ट्वीट के वायरल होते ही राजदूत के इस दावे को लेकर ट्विटर पर उनकी क्लास लगना शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में ट्विटर पर #ancientpakistan ट्रेंड करने लगा। एक यूजर ने राजदूत के ट्वीट पर जवाब दिया, '2700 साल पहले ना तो इस्लाम था और ना ही पाकिस्तान, प्राचीन पाकिस्तान की बात को छोड़ दीजिए। तक्षशिला शब्द उर्दू नहीं है और पाणिनी ब्राह्मण थे। यह पूरा हिस्सा भारतीय उपमहाद्वीप के अंदर था। मुझे हंसी आ रही है कि कैसे ये लोग अपने नागरिकों को पागल बनाते हैं।'
 

वहीं, एक अन्य यूजर ने जवाब दिया, 'उस समय कोई प्राचीन पाकिस्तान नहीं था। 14-15 अगस्त,1947 से पहले कोई पाकिस्तान नहीं था, 2700 साल पहले की बात तो रहने दीजिए। पाणिनी और चाणक्य ने तक्षशिला विश्वविद्यालय में पढ़ाया था।' 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00