{"_id":"5d381cb68ebc3e6d03542dc2","slug":"pakistan-court-adjourns-hearing-in-treason-case-against-pervez-musharraf","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान की अदालत ने की मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले की सुनवाई स्थगित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान की अदालत ने की मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले की सुनवाई स्थगित
Wed, 24 Jul 2019 03:08 PM IST
अजय सिंह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अजय सिंह
Updated Wed, 24 Jul 2019 03:08 PM IST
विज्ञापन
Pervez Musharraf (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ के खिलाफ चल रहे देशद्रोह के मुकदमे को विशेष अदालत ने एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है क्योंकि सरकार बचावपक्ष का वकील नियुक्त करने में असफल रही है।
विज्ञापन
मीडिया में बुधवार को आई खबरों के अनुसार, न्यायमूर्ति ताहिरा सफदर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, विधि एवं न्याय विभाग के कार्यवाहक सचिव अरशद फारुक फहीम ने अदालत से और वक्त मांगते हुए कहा था कि उनके मंत्रालय ने छह वकीलों के नाम की सूची बनाई है लेकिन वे वकील मुशर्रफ का मुकदमा नहीं लड़ना चाहते हैं या फिर मामले का अध्ययन करने के लिए समय मांग रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि अदालत ने मेडिकल आधार पर मामले की सुनवाई स्थगित करने की मुशर्रफ की याचिका 12 जून के खारिज कर दी थी और उनकी अनुपस्थिति में भी सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया था। अदालत ने बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण मुशर्रफ से अपना बचाव करने का अधिकार भी छीन लिया।
अदालत ने मुशर्रफ के वकील सलमान सफदर को भी उनकी ओर से दलीलें देने से रोक दिया और सरकार से बचावपक्ष का वकील नियुक्त करने को कहा।
मंत्रालय ने 27 जून को छह वकीलों- सईद अली जफर, राजा अमीर अब्बास, शाह खावर, इश्फाक नकवी, ताहिर मलिक और रियाज हनीफ राही को मामले में पूर्व राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करने के लिए कहा था।
पिछली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार ने पूर्व-सेना प्रमुख के खिलाफ नवंबर 2007 में अतिरिक्त संवैधानिक आपातकाल लगाने के खिलाफ 2013 में देशद्रोह का मामला दर्ज किया था, जिसके चलते कई श्रेष्ठ न्यायालय के न्यायाधीशों को जेल में डाल दिया गया था। साथ ही 100 से अधिक न्यायाधीशों की बर्खास्तगी की गई थी।
मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक देश पर शासन किया। पाकिस्तान में उच्च राजद्रोह के लिए दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा होती है।