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Pakistan: न्यायपालिका में खुफिया एजेंसियों के हस्तक्षेप पर जांच आयोग को मंजूरी; आर्थिक संकट पर भी बोले शहबाज
Sat, 30 Mar 2024 07:31 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2024 07:31 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के काम में खुफिया एजेंसियों के हस्तक्षेप के आरोपों की जांच के लिए पाकिस्तान की कैबिनेट ने आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इस बीच, कैबिनेट के दौरान पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को बदलने की प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कसम खाई है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों के साथ पांच साल की योजना के व्यापक मापदंडों को साझा किया है।
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शहबाज शरीफ
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
न्यायपालिका के काम में खुफिया एजेंसियों के हस्तक्षेप के आरोपों की जांच के लिए पाकिस्तान की कैबिनेट ने आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में एक जांच आयोग का गठन किया जाएगा। पूर्व मुख्य न्यायाधीश तस्सदुक हुसैन जिलानी की अध्यक्षता वाला आयोग एक पत्र के जरिए न्यायाधीशों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगा और 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगा।
26 मार्च को न्यायाधीशों ने लिखा था पत्र
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कियानी, न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी, न्यायमूर्ति बाबर सत्तार, न्यायमूर्ति सरदार इजाज इशाक खान, न्यायमूर्ति अरबाब मुहम्मद ताहिर और न्यायमूर्ति समन फफत इम्तियाज ने 26 मार्च को सर्वोच्च न्यायिक परिषद को पत्र भेजा था। जिसमें न्यायिक मामलों में खुफिया एजेंसियों के कथित हस्तक्षेप पर एक न्यायिक सम्मेलन बुलाने का आग्रह कर रहा है।
काजी फैज ईसा- शहबाज शरीफ की हुई थी बैठक
पत्र का जवाब देते हुए पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश काजी फैज ईसा ने 28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक बैठक के दौरान कहा था कि मामलों में कार्यपालिका द्वारा हस्तक्षेप और न्यायाधीशों के न्यायिक कामकाज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक जांच आयोग बनाने पर सहमत हुए थे।
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26 मार्च को न्यायाधीशों ने लिखा था पत्र
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कियानी, न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी, न्यायमूर्ति बाबर सत्तार, न्यायमूर्ति सरदार इजाज इशाक खान, न्यायमूर्ति अरबाब मुहम्मद ताहिर और न्यायमूर्ति समन फफत इम्तियाज ने 26 मार्च को सर्वोच्च न्यायिक परिषद को पत्र भेजा था। जिसमें न्यायिक मामलों में खुफिया एजेंसियों के कथित हस्तक्षेप पर एक न्यायिक सम्मेलन बुलाने का आग्रह कर रहा है।
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काजी फैज ईसा- शहबाज शरीफ की हुई थी बैठक
पत्र का जवाब देते हुए पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश काजी फैज ईसा ने 28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक बैठक के दौरान कहा था कि मामलों में कार्यपालिका द्वारा हस्तक्षेप और न्यायाधीशों के न्यायिक कामकाज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक जांच आयोग बनाने पर सहमत हुए थे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फाइल)
- फोटो : ani
आर्थिक संकट से बाहर निकालने का शहबाज ने लिया संकल्प
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को बदलने की प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कसम खाई है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों के साथ पांच साल की योजना के व्यापक मापदंडों को साझा किया है। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में 2022 के बाद से चौंका देने वाली आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों के बीच दूसरी बार प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालयों को इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रणनीति बनानी होगी और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने खर्चों में कटौती करनी होगी और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना होगा।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को बदलने की प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कसम खाई है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों के साथ पांच साल की योजना के व्यापक मापदंडों को साझा किया है। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में 2022 के बाद से चौंका देने वाली आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों के बीच दूसरी बार प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालयों को इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रणनीति बनानी होगी और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने खर्चों में कटौती करनी होगी और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना होगा।
रूस के साथ संबंध बढ़ाने को लेकर बेताब पाकिस्तान
इस बीच, पीएम शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान रूस के साथ ऊर्जा, व्यापार और निवेश समेत अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना चाहता है। प्रधानमंत्री शरीफ ने रूसी संघ के राजदूत अल्बर्ट पी खोरेव के साथ एक बैठक के दौरान, रूसी पक्ष से पाकिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी आग्रह किया ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के मौजूदा स्तर को बढ़ाने के तरीकों की पहचान करने के लिए अपने समकक्षों के साथ चर्चा की जा सके।
शहबाज शरीफ ने इस साल के अंत में रूस द्वारा आयोजित होने वाले रूस-पाकिस्तान अंतर-सरकारी आयोग (आईजीसी) के 9वें सत्र को शीघ्र बुलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। रूसी राजदूत ने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि रूस पाकिस्तान के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहता है और कहा कि ऊर्जा, व्यापार और निवेश के अलावा, रूस शिक्षा और संस्कृति में भी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है।
इस बीच, पीएम शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान रूस के साथ ऊर्जा, व्यापार और निवेश समेत अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना चाहता है। प्रधानमंत्री शरीफ ने रूसी संघ के राजदूत अल्बर्ट पी खोरेव के साथ एक बैठक के दौरान, रूसी पक्ष से पाकिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी आग्रह किया ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के मौजूदा स्तर को बढ़ाने के तरीकों की पहचान करने के लिए अपने समकक्षों के साथ चर्चा की जा सके।
शहबाज शरीफ ने इस साल के अंत में रूस द्वारा आयोजित होने वाले रूस-पाकिस्तान अंतर-सरकारी आयोग (आईजीसी) के 9वें सत्र को शीघ्र बुलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। रूसी राजदूत ने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि रूस पाकिस्तान के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहता है और कहा कि ऊर्जा, व्यापार और निवेश के अलावा, रूस शिक्षा और संस्कृति में भी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है।