Pakistan: हम कमजोर हो सकते हैं...देशद्रोही नहीं, केन्या में पत्रकार की हत्या के बाद बोली पाक सेना
पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इमरान खान ने आरोप लगाया कि पत्रकार की हत्या राजनीति से प्रेरित थी।
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पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में हत्या के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। इमरान खान से लेकर उनके कई समर्थक इसके लिए पाकिस्तानी सेना को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तानी सेना की ओर से बयान जारी किया गया है। सेना ने कहा है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को अपने दावों को साबित करने की जरूरत है।
दरअसल, पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इमरान खान ने आरोप लगाया कि पत्रकार की हत्या राजनीति से प्रेरित थी। अरशद शरीफ को केन्याई पुलिस ने कथित तौर पर इसलिए मार डाला क्योंकि उन्होंने दो प्रमुख राजनीतिक परिवारों- शरीफ और जरदारी को बेनकाब कर दिया था। केन्याई पुलिस ने बाद में एक बयान जारी कर कहा कि यह गलत पहचान का मामला है।
सेना ने क्या कहा?
सेना के ऊपर उठ रहे सवालों के बाद इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल बाबर इफ्तिकार ने कहा कि शरीफ की मौत के बाद लोगों ने सेना पर उंगली उठानी शुरू कर दी है। जबकि, यह निर्धारित किया जाना बाकी है कि इस हत्या से वास्तव में किसे लाभ हुआ है? उन्होंने कहा, 30-40 साल की सेवा करने के बाद कोई भी देशद्रोही नहीं होना चाहता। हम कमजोर हो सकते हैं, हम गलतियां कर सकते हैं, लेकिन हम कभी देशद्रोही नहीं हो सकते। बाबर ने कहा, लोगों के बिना सेना कुछ भी नहीं है।
पाकिस्तान को बदनाम कर रहा था पत्रकार
बाबर इफ्तिकार ने कहा, शरीफ और अन्य पत्रकारों ने दुनिया भर में पाकिस्तान और देश के संस्थानों को बदनाम करने का प्रयास किया। उन्होंने पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज पर भी हमला बोला। कहा, सेना को निशाना बनाने के लिए इस चैनल पर कथित तौर पर 'देशद्रोही सामग्री' प्रसारित करने की गई, जिसके लिए 8 अगस्त को चैनल को ऑफ एयर कर दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि अरशद शरीफ को पाकिस्तान में कोई खतरा नहीं था और किसी ने भी उन्हें दुबई छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया था।