फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan accepted kashmir as a indian territory in UNHRC meeting in Geneva

पाक ने कश्मीर को माना भारतीय राज्य, कुरैशी के 'नापाक मंसूबों' पर भारत ने इस तरह फेरा पानी

Wed, 11 Sep 2019 10:00 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,जेनेवा Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 11 Sep 2019 10:00 AM IST
विज्ञापन
Pakistan accepted kashmir as a indian territory in UNHRC meeting in Geneva
यूएनएचआरसी में भारत का पक्ष रखतीं विदेश मंत्रालय सचिव (पश्चिम) विजय ठाकुर सिंह - फोटो : एएनआई

जेनेवा स्थित यूएनएचआरसी में कश्मीर आधारित सेशन में भारत और पाकिस्तान दोनों अपने दावे पेश किए। दुनिया के हर मंच पर मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में झूठे आरोपों के जरिए भारत को घेरने को कोशिश की। पाकिस्तान लगभग हर जगह भारत के खिलाफ अपने झूठ बयानों को लेकर जाता रहा है। 

विज्ञापन


लेकिन फिर भी इससे पहले उसे यूएन, आईओसी सहित कई मंचों पर जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा है। उसका साथ सिर्फ चीन ही दे रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दोपहर तीन बजे अपने देश का पक्ष रखा, वहीं भारत ने शाम सात बजे अपना पक्ष रखा। 
विज्ञापन


वहीं, यूएनएचआरसी की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आखिरकार जम्मू-कश्मीर को ‘भारतीय राज्य’ के तौर पर स्वीकारा। जबकि अब तक पाकिस्तान आधिकारिक वक्तव्यों में जम्मू-कश्मीर को ‘भारत प्रशासित कश्मीर’ कहता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि यूएनएचआरसी की बैठक में पाकिस्तान के झूठ को भारत ने किस तरह बेनकाब किया। शाह महमूद कुरैशी के नापाक मंसूबों पर भारत के विदेश सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने किस तरह पानी फेरा।

पाकिस्तान की तरफ से उसके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुछ इस तरह 'नापाक' सवालों को उठाया

पाकिस्तान की तरफ से उसके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुछ इस तरह 'नापाक' सवालों को उठाया

1. बैठक में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने एक बार फिर मानवाधिकार उल्लंघन का रोना रोया और कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला नहीं है। संयुक्त राष्ट्र को इसमें दखल देना चाहिए।

2. कुरैशी ने कहा कि भारत ने अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद कश्मीर को सबसे बड़े ‘कैदखाने’ में तब्दील कर दिया है और मानवाधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में छह हजार से ज्यादा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।

3. बैठक को संबोधित करते हुए कुरैशी ने कहा कि शीर्ष मानवाधिकार निकाय को मुद्दे को लेकर अपनी उदासीनता से विश्व मंच पर शर्मसार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूएनएचआरसी को भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद कश्मीर की स्थिति के प्रति तटस्थ भाव नहीं अपनाना चाहिए।

4. कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों के लिए न्याय और सम्मान की खातिर मानवाधिकार पर विश्व की अंतरात्मा के महत्वपूर्ण स्थल मानवाधिकार परिषद का दरवाजा खटखटाया है। हमें इस प्रतिष्ठित संस्था को वैश्विक मंच पर लज्जित नहीं होने देना चाहिए। इस परिषद का संस्थापक सदस्य होने के नाते पाकिस्तान ऐसा होने से रोकने के लिए नैतिक रूप से बाध्य है।

भारत की तरफ से विदेश सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह पाकिस्तान के इन 'नापाक' सवालों का कुछ इस तरह जवाब दिया 

भारत की तरफ से विदेश सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह पाकिस्तान के इन 'नापाक' सवालों का कुछ इस तरह जवाब दिया 

1. शाह महमूद कुरैशी के कश्मीर को आंतरिक मामला नहीं मानने को लेकर विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान झूठ की रनिंग कमेंट्री कर रहा है। कश्मीर भारत का पूरी तरह से आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि हमें आशंका है कि कश्मीर में सीमापार से आतंकी हमला हो सकता है। 

2. कुरैशी के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के सवाल को लेकर ठाकुर ने मुहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में सामाजिक-आर्थिक समानता और न्याय के लिए इस कदम को उठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किए गए कानूनी उपायों के परिणामस्वरूप राज्य में लिंगभेद समाप्त होगा, किशोर अधिकारों की रक्षा बेहतर तरीके से की जा सकेगी और शिक्षा, सूचना और कार्य के अधिकार लागू किए जा सकेंगे। 

3. पाकिस्तानी मंत्री के यूएनएचआरसी के तटस्थ होने को लेकर विदेश सचिव ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल ने मेरे देश के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए केवल झूठी बातें की हैं। दुनिया जानती है कि यह मनगढ़ंत कहानियां वैश्विक आतंकवाद के केंद्र से आती हैं, जहां आतंक के सरगनाओं को सालों से पनाह मिलती रही है।

4. पाकिस्तनी विदेश मंत्री के कश्मीर के लोगों के लिए न्याय और सम्मान की बात को लेकर विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि हम इस बात को दोहराना चाहते हैं कि यह संप्रभु निर्णय, संसद द्वारा पारित अन्य कानूनों की तरह, भारत के लिए पूरी तरह से आंतरिक है। हमारे इस निर्णय से राज्य में न्याय की एक समान व्यवस्था लागू होगी और साथ ही सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा बेहतर ढ़ंग से की जा सकेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed