फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Oxford Coronavirus vaccine: Oxford says Covid-19 vaccine has good immune response with 2-dose regime

ऑक्सफोर्ड वैक्सीन: डेढ़ की बजाए दो पूर्ण खुराक ज्यादा प्रभावी, विश्वविद्यालय ने दी जानकारी

Fri, 18 Dec 2020 10:02 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 18 Dec 2020 10:02 AM IST
विज्ञापन
Oxford Coronavirus vaccine: Oxford says Covid-19 vaccine has good immune response with 2-dose regime
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

ऑक्सफोर्ड की कोविड-19 वैक्सीन मरीजों पर तब अधिक प्रभावी होगी, जब यह एक पूरी खुराक और एक आधी बूस्टर खुराक की बजाय दो पूरी खुराक के रूप में दी जाए।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी दी।  

विज्ञापन


एस्ट्राजेनेका द्वारा लाइसेंस के लिए पंजीकृत करवाई गई ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को लेकर विश्वविद्यालय ने अंतरिम लेट स्टेज ट्रायल नतीजों को प्रकाशित किया है। इसमें बताया गया है कि वैक्सीन मरीजों पर अधिक प्रभावकारी होती है, जब इसकी दो पूर्ण खुराक दी जाती है। हालांकि, इन नतीजों पर अभी अधिक काम किए जाने की आवश्यकता है।  
विज्ञापन


पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों की विस्तृत जानकारी को गुरुवार को प्रकाशित किया गया। लेकिन इसमें आधी खुराक के बाद पूरी खुराक को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई, जिसे लेकर ऑक्सफोर्ड ने कहा था कि यह अनियोजित थी। हालांकि, नियामकों द्वारा इसे मंजूरी दे दी गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन



यह भी पढ़ें: जानें क्या है 'कोरोना पासपोर्ट', जो विश्व में पहली बार इस्राइल अपने नागरिकों को दे रहा 

कम डोज देने पर ज्यादा असर हुआ था
दरअसल, नंवबर में ब्रिटेन की फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपनी साझा वैक्सीन के ट्रायल में त्रुटि स्वीकार की थी। वैक्सीन के परीक्षण के दौरान जिन्हें वैक्सीन की कम डोज दी गई उन पर उसका 90 फीसदी असर हुआ, जबकि जिन्हें दो पूरी खुराक दी गई उनमें असर 62 फीसदी ही पाया गया।  


सिर्फ तीन में दुष्परिणाम दिखाई दिए 
इससे पहले बताया गया, ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के अंतिम चरण के परीक्षण के परिणामों के मुताबिक लगभग 24,000 लोगों में से मात्र तीन लोगों में ही वैक्सीन के दुष्परिणाम देखे गए। मेडिकल जर्नल लैंसेट में छपे परिणामों की मानें तो जिन लोगों को वैक्सीन दी गई, उनमें से ना ही किसी की मृत्यु हुई और ना ही किसी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

लैंसेट में छपे शोध में बताया गया है कि परीक्षण के दौरान कोरोना वैक्सीन के दो फुल डोज देने पर 62 फीसदी प्रभावी क्षमता और पहले आधा डोज फिर पूरा डोज देने पर करीब 90 फीसदी प्रभावी क्षमता देखने को मिली। अब दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने आशा जताई कि कोरोना वैक्सीन को आने वाले सप्ताह में नियामक संस्था से स्वीकृति मिल जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed