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रिपोर्ट में खुलासा, ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में प्रवासी भारतीयों का है सबसे ज्यादा योगदान

Thu, 06 Feb 2020 04:47 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 06 Feb 2020 04:47 AM IST
सार

  • ‘इंडिया इन दि यूके : द डायस्पोरा इफैक्ट’ नाम से जारी हुई रिपोर्ट
  • भारतीयों ने 9306 करोड़ रुपये से ज्यादा का कॉर्पोरेशन टैक्स दिया
  • 1.74 लाख से ज्यादा लोगों को भारतीयों ने ब्रिटेन में दीं नौकरियां

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Overseas Indians contribute the most to the British economy
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

भारतीय लोग दुनिया के जिस कोने में गए उस जगह को उन्नत बनाने में सबसे बड़ा योगदान देकर सिरमौर बनते रहे हैं। ताजा मामला ब्रिटेन का है जहां प्रवासी भारतीयों के स्वामित्व वाली कंपनियों ने ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में अनुकरणीय योगदान दिया है। इन कंपनियों ने एक अरब पाउंड (9306 करोड़ रुपये) से ज्यादा कॉर्पोरेशन टैक्स दिया है और 1.74 लाख लोगों को नौकरियां दी हैं।

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यह अपने किस्म की पहली शोध रिपोर्ट है जो ‘इंडिया इन दि यूके : द डायस्पोरा इफैक्ट’ नाम से जारी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों का संयुक्त रूप से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 36.84 अरब पाउंड (3.42 लाख करोड़ रु.) के राजस्व का योगदान है। रिपोर्ट में भारतीय प्रवासियों के स्वामित्व वाली 654 ब्रिटिश कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है जिनका टर्न ओवर एक लाख पाउंड है। 
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यह रिपोर्ट ग्रांट थॉर्नटन यूके द्वारा लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग व फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की, यूके) के साथ संयुक्त रूप से बनाकर पेश की गई है। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने कहा कि यह रिपोर्ट भारतीय प्रवासियों के स्वामित्व वाले सभी व्यवसायों के पूर्ण योगदान का रिकॉर्ड रखने का दावा नहीं करती लेकिन इसमें 650 से ज्यादा बड़े व्यवसायों का पूरा लेखाजोखा शामिल है।

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छोटे टर्न ओवर वाले व्यवसाय आगामी रिपोर्ट में

ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने बताया कि इस रिपोर्ट में सिर्फ सालाना एक लाख पाउंड से ज्यादा के टर्न ओवर वाले व्यवसायों को शामिल किया गया है। जबकि छोटे टर्न ओवर वाले व्यवसायों को आगामी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। ग्रांट थॉर्नटन, यूके के अधिकारी अनुज चंदे ने कहा, यह रिपोर्ट ब्रिटेन की आर्थिक समृद्धि ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था में प्रवासी भारतीयों के योगदान की तरफ इशारा करती है।

35 फीसदी के बोर्ड में एक या अधिक महिला निदेशक

इस अहम रिपोर्ट में बताया गया है कि 654 कंपनियों के अध्ययन के मुताबिक करीब 35 फीसदी के पास उनके बोर्ड में एक या एक से अधिक महिला निदेशक हैं। यही नहीं बल्कि ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी कंपनियों द्वारा प्रदान की गई कुल 1.40 लाख नौकरियों में से 23 कंपनियों ने 80 फीसदी रोजगार मुहैया कराया है

शीर्ष पांच कंपनियों ने दी हजारों नौकरियां

ब्रिटेन में भारतीय प्रवासियों के स्वामित्व वाली कंपनियों के शीर्ष पांच नियोक्ताओं में बी एंड एम रिटेल लिमिटेड 26,496 लोगों को नौकरी देकर पहली पायदान पर है। जबकि वेदांत रिसोर्सेज लिमिटेड ने 25,083, बोपरान होल्डको लिमिटेड ने 21,949, हिंदुजा ऑटोमोटिव ने 19,601 और एचसी-वन लिमिटेड ने 10,949 लोगों को नौकरियां दी हैं।

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