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Tibet Earthquake: 75 साल में 20 से अधिक भूकंप झेल चुका है ल्हासा, 7 जनवरी को 6.8 तीव्रता के कारण हुई 126 मौतें
Fri, 10 Jan 2025 07:51 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 10 Jan 2025 07:51 PM IST
सार
तिब्बत में 7 जनवरी को आया भूकंप पिछले 75 सालों में ल्हासा ब्लॉक में आया सबसे तेज भूकंप है। इस भीषण भूकंप में 126 लोगों की मौत हो गई। जबकि 130 लोग घायल हैं। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.8 मापी गयी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
1950 के बाद से यानी पिछले 75 वर्षों में 20 से अधिक भूकंप ल्हासा ब्लॉक में आए हैं, जहां दक्षिणी तिब्बत में इस सप्ताह आए भूकंप का केंद्र था। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, मंगलवार का भूकंप हिंद महासागर की प्लेट से उत्तर की ओर दबाव और टेक्टोनिक प्लेटों की क्रस्टल गति के कारण आया था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कुल 126 लोग मारे गए और 188 अन्य घायल हुए। इसने कहा कि मंगलवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगाजे में डिंगरी काउंटी में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप का केंद्र किंघई-तिब्बत पठार के दक्षिणी भाग में ल्हासा ब्लॉक में स्थित है।
इस वजह से 7 जनवरी को दहला ल्हासा
सीईएनसी ने कहा, '1950 से अब तक ल्हासा ब्लॉक में 6 से अधिक तीव्रता वाले 21 भूकंप आ चुके हैं, जिनमें से अधिकतम तीव्रता 6.9 थी।' सरकारी चाइना डेली ने केंद्र के हवाले से बताया, यह भूकंप ल्हासा ब्लॉक के भीतर एक विस्तारित विखंडन और ऊर्जा के निकलने के कारण हुआ। यह भारतीय महासागर प्लेट और क्रस्टल मूवमेंट से उत्तर की ओर दबाव के कारण हुआ। भारतीय महासागर प्लेट से उत्तर की ओर दबाव भारतीय प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने का परिणाम है। यह टकराव हिमालय के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। भूकंप मंगलवार को सुबह 9:05 बजे (बीजिंग समय) आया और इसका केंद्र काउंटी के त्सोगो टाउनशिप में था, जहां 20 किलोमीटर के दायरे में लगभग 6,900 लोग रहते हैं।
7 जनवरी को 126 लोगों की भूकंप में हुई मौत
चीन की सरकारी मीडिया मुताबिक तिब्बत के शिजांग शहर के डिंगरी काउंटी में 6.8 तीव्रता के भूकंप में 126 लोगों की मौत हुई है। 130 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में 28.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.45 डिग्री पूर्वी देशांतर में था। यहां सुबह 6:30 बजे 7.1 तीव्रता के साथ 10 किमी गहराई पर भूकंप आया। इसके बाद 7:02 बजे 4.7 तीव्रता, 07:07 बजे 4.9 तीव्रता और 7:13 बजे पांच तीव्रता का भूकंप आया। इसके चलते लोग घरों को छोड़कर खुले स्थानों की ओर चले गए।
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इस वजह से 7 जनवरी को दहला ल्हासा
सीईएनसी ने कहा, '1950 से अब तक ल्हासा ब्लॉक में 6 से अधिक तीव्रता वाले 21 भूकंप आ चुके हैं, जिनमें से अधिकतम तीव्रता 6.9 थी।' सरकारी चाइना डेली ने केंद्र के हवाले से बताया, यह भूकंप ल्हासा ब्लॉक के भीतर एक विस्तारित विखंडन और ऊर्जा के निकलने के कारण हुआ। यह भारतीय महासागर प्लेट और क्रस्टल मूवमेंट से उत्तर की ओर दबाव के कारण हुआ। भारतीय महासागर प्लेट से उत्तर की ओर दबाव भारतीय प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने का परिणाम है। यह टकराव हिमालय के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। भूकंप मंगलवार को सुबह 9:05 बजे (बीजिंग समय) आया और इसका केंद्र काउंटी के त्सोगो टाउनशिप में था, जहां 20 किलोमीटर के दायरे में लगभग 6,900 लोग रहते हैं।
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7 जनवरी को 126 लोगों की भूकंप में हुई मौत
चीन की सरकारी मीडिया मुताबिक तिब्बत के शिजांग शहर के डिंगरी काउंटी में 6.8 तीव्रता के भूकंप में 126 लोगों की मौत हुई है। 130 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में 28.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.45 डिग्री पूर्वी देशांतर में था। यहां सुबह 6:30 बजे 7.1 तीव्रता के साथ 10 किमी गहराई पर भूकंप आया। इसके बाद 7:02 बजे 4.7 तीव्रता, 07:07 बजे 4.9 तीव्रता और 7:13 बजे पांच तीव्रता का भूकंप आया। इसके चलते लोग घरों को छोड़कर खुले स्थानों की ओर चले गए।
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