Operation Sindoor: भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान और PoK में तबाही, कई आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद, तस्वीरें
पहलगाम में पाकिस्तान के भाड़े के आतंकियों ने भारतीय महिलाओं के मस्तक से 15 दिन पहले जो सिंदूर उजाड़े थे, भारत ने उसका प्रतिशोध ले लिया। देश के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया। घातक ड्रोन और मिसाइलों से हुए इस हमलों के जरिए नौ जगहों पर आतंकी ढांचे को नष्ट कर दिया गया।
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भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला पाकिस्तान से ले लिया है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है। पाकिस्तान में स्थित इन ठिकानों पर तबाही का मंजर है और इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। तस्वीरों में दिख रहा है कि भारतीय सेना के हमले में आतंकियों की पनाह वाली इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। भारत की तीनों सेनाओं ने मिलकर यह कार्रवाई की है। बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने 26 मासूमों को मौत के घाट उतार दिया था। अब ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है।

तस्वीरों में देख सकते हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में भारतीय मिसाइल के हमले में इमारत ध्वस्त हो गई है। कहा जा रहा है कि इस इमारत में कई आतंकी मौजूद थे। पाकिस्तानी सेना मुजफ्फराबाद के पास भारतीय मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हुई इमारत का निरीक्षण करते भी दिख रहे हैं। मुरीदके से भी कई तस्वीरें सामने आई हैं। वहां आतंकी ठिकाने को भी भारत ने ध्वस्त कर दिया है।
भारत ने बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, भीमबेर, कोटली और मुजफ्फराबाद में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई कि भारत की मिसाइलें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने, मुजफ्फराबाद के सेंट्रल ग्रिड सिस्टम और मुरीदके में हाफिज सईद के ठिकाने पर गिरीं। जैश-ए-मोहम्मद का सरगना वही मसूद अजहर है, जिसे 1999 में IC-814 कंधार विमान अपहरण मामले के बाद रिहा करना पड़ा था। मसूद अजहर के पाकिस्तान लौटने के बाद बहावलपुर आतंकियों को प्रशिक्षण देने का बड़ा ठिकाना बन गया। जैश-ए-मोहम्मद संसद पर 2001 में हुए हमले, 2016 में पठानकोट हमले और 2019 में पुलवामा हमले में शामिल रहा है। वहीं, हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का सरगना है, जो 26/11 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है। मुरीदके में ही लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय है। यह आतंकी संगठन 1990 से मुरीदके से ही ऑपरेट करता है। भारत ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए ही इन जगहों को चुना। वहीं, मुजफ्फराबाद और कोटली नियंत्रण रेखा के पास है।
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ। उसमें 25 पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत इसका जवाब देगा। इसके बाद 29 अप्रैल को सेना के तीनों प्रमुखों, सीडीएस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समेत वरिष्ठ मंत्रियों के साथ हुई बैठक में भी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का जवाब किस तरह होगा और कब होगा, यह तय करने के लिए सेना को खुली छूट दी गई है। इसके बाद यह तय हो गया था कि भारत जल्द कार्रवाई करेगा।
पहलगाम हमले में आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी थी। हमले के 15 दिन बाद 6 और 7 मई की दरमियानी रात यह कार्रवाई पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, दोनों के अंदर ऐसी जगहों पर हुई, जहां आतंकियों के ठिकाने मौजूद हैं। कुल नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें यह ध्यान रखा गया कि पाकिस्तान का कोई सैन्य ठिकाना इसकी जद में न आए। भारत ने इस मामले में संयम बरता और सिर्फ आतंकी ढांचों को निशाना बनाया।
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम स्थित पर्यटक स्थल पर आतंकियों ने गोलियां बरसाई थीं। इन आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछा था। हिंदू पुरुषों को अलग किया और उनके परिवार के सामने उन्हें गोली मार दी। हमले में कई महिलाओं ने अपने पति को खोया। इनमें से कुछ महिलाओं की कुछ ही दिन पहले शादी हुई थी और वे पति के साथ पर्यटन के लिए पहलगाम आईं थीं। इस हमले में जिन महिलाओं के माथे का सिंदूर छिन गया, उन्हीं के सम्मान में एक संदेश देने के लिए भारत ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया।