फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   One third plant, animal species threatened by extinction by 2070 due to climate change

जलवायु परिवर्तन से 2070 तक एक तिहाई पौधे, पशुओं की प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा

Fri, 14 Feb 2020 05:29 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 14 Feb 2020 05:29 AM IST
विज्ञापन
One third plant, animal species threatened by extinction by 2070 due to climate change
जलवायु परिवर्तन - फोटो : Amar Ujala

जलवायु परिवर्तन के कारण 2070 तक दुनियाभर में पौधों व पशुओं की एक तिहाई प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में हुए एक शोध में यह अनुमान लगाया गया है।

विज्ञापन


शोधार्थियों ने जलवायु परिवर्तन के कारण हाल में विलुप्त हुई प्रजातियों की जानकारी के अध्ययन के बाद यह अनुमान लगाया है। इसमें दुनियाभर की 581 जगहों से पौधों और जानवरों की 538 प्रजातियों का सर्वे किया गया।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने इस दौरान उन जगहों की प्रजातियों पर विशेष गौर किया जहां बीते 10 वर्षों में कई बार सर्वे कराये जा चुके हैं। उन्होंने इन जगहों पर जलवायु परिवर्तन के समय-समय पर लिए गए आंकड़ों को शामिल किया। उन्हाेंने पाया कि एक से अधिक जगहों पर 538 प्रजातियों में से 44 फीसदी पहले ही विलुप्त हो चुकी हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

19 जलवायु कारकों में परिवर्तन का विश्लेषण होगा

यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के क्रिश्चियन रोमन ने कहा, एक ही जगह पर 19 अलग अलग जलवायु कारकों में परिवर्तन का विश्लेषण करने के बाद प्रजातियों के विलुप्त होने का कारण पता लगाया जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि वहां की आबादी कितना जलवायु परिवर्तन बर्दाश्त कर सकती है।

शोध के दौरान यह अनुमान भी लगाया गया कि तापमान से बचने के लिए आबादी कितनी जल्द एक जगह से दूसरी जगह जा सकती है। आबादी कितने समय में विलुप्त होगी यह समझने के लिए किसी स्थान का वार्षिक अधिकतम तापमान यानी गर्मियों के मौसम में बढ़ता पारा मुख्य कारक है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जहां स्थानीय प्रजातियां विलुप्त हुईं वहां औसत वार्षिक तापमान में कम बदलाव देखा गया। शोध में पाया गया कि अधिकतर प्रजातियां अधिकतम तापमान में वृद्धि को बर्दाश्त करने में सक्षम थीं लेकिन एक स्तर तक।

अधिकतम तापमान में 0.5 डिर्गी की वृद्धि से 50 फीसदी प्रजातियां विलुप्त हुईं

अधिकतम तापमान में वृद्धि 0.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि पर 50 फीसदी प्रजातियां स्थानीय स्तर पर विलुप्त हुईं। वहीं अगर तापमान वृद्धि 2.9 डिग्री से अधिक हुई तो 95 फीसदी प्रजातियां विलुप्त हुईं। शोधकर्ताओं के मुताबिक प्रजातियों के नुकसान के अनुमान इस बात पर निर्भर करते हैं कि भविष्य में जलवायु कितनी गर्म होगी।

पेरिस समझौता माना तो 10 में से दो प्रजाति विलुप्त होंगी

शोध में दावा किया गया कि अगर पेरिस समझौते पर कायम रहा गया तो 2070 तक पौधों व पशुओं की हर 10 में दो से कम प्रजातियों को हम खो सकते हैं। पेरिस समझौते के तहत जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने का लक्ष्य रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed