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दुनिया में हर तीन में से एक बच्चा होता है इंटरनेट पर बदसलूकी का शिकार : यूएन की रिपोर्ट 

Wed, 10 Oct 2018 12:19 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 10 Oct 2018 12:19 PM IST
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one out of three kid is victim of internet bullying: UN report
इंटनेट पर बच्चों के साथ हिंसा
संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों पर एक अध्य्यन के बाद रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक दुनिया भर में बच्चे इंटरनेट पर लगातार बदसलूकी के शिकार हुए हैं। यूएन ने एक अध्य्यन कराया जिसमें चौंकाने वाले नतीजे आये, 11 से 16 साल के बच्चों के खिलाफ इंटरनेट पर बदसलूकी की घटनाएं बढ़ी हैं। वहीं, दुनिया भर में 13 करोड़ या हर तीन में से एक बच्चा किसी न किसी तरह की धमकी का शिकार हुआ है।  
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बच्चों के साथ होने वाले हिंसा पर जानकारी जुटाते हुए यूएन की रिपोर्ट कहती है कि ग्यारह वर्ष से सोलह वर्ष की आयु के बच्चों के खिलाफ इंटरनेट पर बदसलूकी और धमकी देने जैसे मामले, 2010 में सिर्फ 7 प्रतिशत दर्ज हुए थे जबकि 2014 में बढ़कर 12 प्रतिशत हो गए।
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संयुक्त राष्ट्र में महासचिव की बच्चों के खिलाफ हिंसा मामलों की विशेष प्रतिनिधि मार्टा सैंटोस पाइस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा से संरक्षण हासिल करना बच्चों का मौलिक मानवाधिकार है। मार्टा ने जोर दे कर कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा या धमकी देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि हिंसक बर्ताव से बच्चों के मनोभाव पर बेहद गहरा चोट होता है। 
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इंटरनेट या फिर सामने से हिसंक बर्ताव झेलने पर बच्चें सहम जाते हैं और इस डर का असर स्थायी असर छोड़ता है। अध्ययन के मुताबिक 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20% बच्चे कहते हैं कि वे ऑनलाइन आक्रामकता या धमकी के शिकार हुए हैं। शोध के मुताबिक बच्चों में ये कुंठा इस कदर घर कर जाती है कि वो अकेलापन के शिकार हो जाते हैं।


हिंसा ने स्कूल छुड़वाया 
इस अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार इथियोपिया, भारत, पेरू और वियतनाम के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बच्चों के स्कूल छोड़ने या स्कूल जाने से बचने की सबसे बड़ी वजह शिक्षकों और अन्य छात्रों का बुरा बर्ताव है। बच्चों के कोमल मन में स्कूल में शिक्षक या साथ के बच्चों की धमकी और हिंसा का इतना प्रबाव पड़ता है कि वो दोबारा स्कूल जाना नहीं चाहते।
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