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कोरोना वैक्सीन: 10 लाख में एक को हो सकती है टीका लगने से एलर्जी
Tue, 29 Dec 2020 08:19 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला रिसर्च टीम
अमर उजाला रिसर्च टीम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 29 Dec 2020 08:19 AM IST
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Corona Vaccine
- फोटो : pixabay
अमेरिका और ब्रिटेन में टीकाकरण के दौरान अब तक सिर्फ चार ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें टीका लगते ही लोगों को एलर्जी हुई है। हाल ही में बॉस्टन के जेरियाट्रिक ऑन्कोलॉजिस्ट का टीका लगा तो उन्हें भी चक्कर आने जैसा महसूस हुआ।
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इन दुष्प्रभावों को लेकर लोगों में टीके को लेकर पनपा संदेह अभियान पर भारी पड़ सकता है विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण के बाद एलर्जी रिएक्शन बहुत दुर्लभ मामला है जिससे घबराने की जरूरत नहीं है।
अमेरिका के मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल की एलर्जी विशेषज्ञ और इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. किंबर्ले ब्लूमेंथल का कहना है कि टीके के कारण एलर्जी रिएक्शन बहुत दुर्लभ होता है। ऐसा 10 लाख में से एक व्यक्ति में होने की संभावना रहती है। अमेरिका और ब्रिटेन में एलर्जी के जो मामले सामने आए वह वहां के हॉटस्पॉट क्षेत्र में हैं। वैज्ञानिकों को इस तकलीफ की तह तक जाने के लिए मरीजों की स्थिति पर भी अध्ययन करना होगा।
एलर्जी के दूसरे कारक हो सकते हैं
टीके में इस्तेमाल होने वाला तत्व पीईजी का बड़े स्तर पर प्रयोग होता है। अल्ट्रासाउंड जेल, इंजेक्शन से दिए जाने वाले स्टेरॉयड के साथ अन्य दवाओं में भी उपयोग होता है। डॉ. ब्लूमेंथल का कहना है कि पीईजी के कारण मैंने अब तक सिर्फ एक एलर्जी देखी है जो वास्तव में असामान्य है।
संभव है कि एलर्जी का कुछ और कारण हो इसमें उसके वितरण से लेकर पहुंचने और निगरानी तक की प्रक्रिया शामिल है, इस पर ध्यान देना होगा। लगने के एक दिन के भीतर इसका असर कम होने लगता है इससे मानव शरीर का कोई भी नुकसान संभव नहीं है।
10 तत्वों से मिलकर बना है टीका
ब्लूमेंथल के अनुसार, फाइजर का टीका 10 तत्वों से मिलकर बना है। संभव है कि इन्हीं किसी एक तत्व के कारण ऐसे मामले सामने आए हों। इसमें सबसे अहम है मैसेंजर एमआरएनए जेनेटिक मैटेरियल जो शरीर को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करता है।
एमआरएनए मनुष्यों की कोशिकाओं में मिलता है जिससे कोई खतरा नहीं होता है और इंजेक्शन लगने के एक दिन के भीतर इसका असर कम होने लगता है। इससे मानव शरीर को कोई भी नुकसान संभव नहीं है।
इन तत्वों से मिलकर बनी है वैक्सीन
वैक्सीन में एमआरएनए के अलावा नौ और तत्व होते हैं। इसमें नमक, फैटी तत्व और चीनी तक शामिल होती है जिसका काम वैक्सीन को सुरक्षित रखना होता है। यह सभी 9 तत्व एलर्जन (दुष्प्रभाव) नहीं होते हैं।
सिर्फ एक केमिकल पॉलिथाईलाइन ग्लाइकोल (पीईजी) एलर्जी रिएक्शन वाला होता है जो एमआरएनए को तेलयुक्त सतह में पैक करता है जो मानव कोशिकाओं में टीके को सुरक्षित रखने का काम करता है। इससे खतरा नहीं है।