{"_id":"629aac3597930f6601577328","slug":"one-lakh-people-lost-their-lives-and-eight-lakh-homeless-in-russia-ukraine-conflict","type":"story","status":"publish","title_hn":"Russia Ukraine Conflict : एक लाख लोगों की जान गई, 80 लाख बेघर, यूक्रेन का दावा रूस के 30 हजार सैनिक मारे","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Russia Ukraine Conflict : एक लाख लोगों की जान गई, 80 लाख बेघर, यूक्रेन का दावा रूस के 30 हजार सैनिक मारे
Sat, 04 Jun 2022 06:19 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, जिनेवा।
एजेंसी, जिनेवा।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 04 Jun 2022 06:19 AM IST
सार
रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण तेल और गैस की कीमतें आसमान पर हैं। इससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ गई है। श्रीलंका जैसे देश तो भीषण संकट में हैं।
विज्ञापन
यूक्रेन संकट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन पर रूस के हमले के 100 दिन पूरे हो चुके हैं। यूक्रेनी दावा इस दौरान 30 हजार रूसी सैनिक मार गिराने का है। युद्ध में यूक्रेन के रोज सैकड़ों सैनिक मारे जा रहे हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि यूक्रेन के सैनिकों और आम लोगों को मिलाकर 60-70 हजार लोग मारे गए हैं। अब तक कुल जान गंवाने वालों की संख्या एक लाख से ज्यादा है।
विज्ञापन
मैरियूपोल शहर पर रूसी कब्जे के कारण यूक्रेन से दुनियाभर में निर्यात किए जाने वाले गेहूं का रास्ता बंद है। इससे खासकर अफ्रीका में भुखमरी के हालात हैं। यूक्रेन में पढ़ने वाले दुनियाभर के हजारों विद्यार्थियों को अपने देश लौटना पड़ा है। रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण तेल और गैस की कीमतें आसमान पर हैं। इससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ गई है। श्रीलंका जैसे देश तो भीषण संकट में हैं।
विज्ञापन
भूख, दवाओं की कमी, इलाज नहीं मिलने और हमलों के कारण लोगों ने जान गंवाई है। सबसे ज्यादा मौतें बूचा और मैरियूपोल में हुई हैं। यूक्रेन व पश्चिमी देशों का आरोप हैं कि रूस के सैनिकों ने जिन भी शहरों पर कब्जा किया, वहां कत्लेआम किया और शवों को सामूहिक कब्रों में दफ्न कर सबूत मिटाए।
विज्ञापन
लड़ाई अंतरिक्ष में ले गया रूस
रूस ने यूक्रेन से जंग को अंतरिक्ष तक पहुंचा दिया है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने अंतरिक्षयान ले जाने वाले रॉकेट पर दोनबास अंकित किया है। दोनेस्क और लुहांस्क के अलगाववादी झंडे भी है।
तबाही का आलम...
लोगों के अलावा युद्ध में घर, स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, हवाई पट्टी, सड़क, बिजली जैसे तमाम बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन के मानवाधिकार आयोग के मुताबिक रूसी सेना के हमलों में 38,000 रिहायशी इमारतें तबाह हुई हैं। इनमें रहने वाले 2.20 लाख से ज्यादा परिवार बेघर हैं। इसके अलावा 1,900 शैक्षणिक संस्थान रूसी हमलों में तबाह हुए हैं। हजारों कारों के अलावा 50 रेल ब्रिज, 500 फैक्टरी, 500 अस्पताल हमलों में धराशायी हुए हैं।
आर्थिक चपत...
रूस पर अमेरिका और यूरोपीय देशों ने पांच हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगा रखे हैं। उसकी करीब 300 अरब डॉलर की संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है। 1000 से ज्यादा कंपनियों ने रूस में व्यापार बंद कर दिया है। रूस के केंद्रीय बैंक के मुताबिक, मुद्रास्फीति 18 फीसदी के करीब है। वहीं, यूक्रेन की जीडीपी 35 फीसदी संकुचित हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक युद्ध की वजह से 600 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान हो चुका है।
50 से ज्यादा देशों के दूतावास फिर शुरू
रूसी हमले के बाद ज्यादातर देशों ने में दूतावास बंद कर दिए थे। अब 50 से ज्यादा देशों ने अपने दूतावासों में फिर से कामकाज शुरू कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे यूक्रेन की जीत के भरोसे का प्रमाण करार देते हुए कहा कि यह सांकेतिक व व्यावहारिक तौर पर बेहद अहम है।
विस्थापन की मजबूरी
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के मुताबिक युद्ध के बाद यूक्रेन के 80 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। 68 लाख लोगों को जान बचाने के लिए देश छोड़ना पड़ा, जिनमें से करीब 22 लाख यूक्रेन लौट आए हैं।
दुनिया पर असर
पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गंभीर है। मोटे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों में 25-30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इससे हर चीज महंगी हुई है। विकासशील व गरीब अफ्रीकी देशों पर इसका सबसे बुरा असर हुआ है। रूस व यूक्रेन से गेहूं व तेल आयात करने वाले देशों पर संकट है।