Axiom-4 Mission: अब आठ जून को लॉन्च होगा एक्सिओम-4; नील आर्मस्ट्रांग की विरासत बढ़ाने को तैयार शुभांशु शुक्ला
Axiom-4 Space mission: इस महीने के अंत में लॉन्च होने वाले एक्सिओम-4 मिशन की तारीख में बदलाव किया गया है। इस मिशन के साथ ही भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इतिहास रचेंगे। वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय बनेंगे। यह नासा और इसरो की संयुक्त पहल है, जिसमें भारत, पोलैंड और हंगरी मिलकर हिस्सा ले रहे हैं।
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बहुप्रतीक्षित मिशन एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्चिंग की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब यह मिशन 8 जून को शाम 6:41 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। यह ऐतिहासिक उड़ान कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के उसी प्रक्षेपण परिसर 39 A से होगी, जहां से नील आर्मस्ट्रांग ने 16 जुलाई, 1969 को अपोलो 11 मिशन के लिए उड़ान भरी थी। एक्सिओम स्पेस और नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में इस बात की जानकारी दी। अभी तक इस मिशन को लॉन्च करने की तारीख 29 मई तय की गई थी। इस मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
नासा ने दी जानकारी
नासा ने इस मिशन की लॉन्चिग की तारीख में बदलाव की जानकारी दी है। नासा ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि स्पेस स्टेशन उड़ान कार्यक्रम की समीक्षा करने के बाद, नासा और उसके सहयोगी कई आगामी मिशनों के लिए लॉन्चिग की तारीखों में बदलाव कर रहे हैं। इसी क्रम में अब एक्सिओम मिशन 4 को 8 जून, रविवार को लॉन्च किया जाएगा।
इतिहास रचेंगे शुभांशु शुक्ला
एक्सिओम मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारत की इसरो की एक संयुक्त पहल है। इस मिशन के साथ ही भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इतिहास रचेंगे। शुभांशु हाल ही में नासा द्वारा घोषित किए गए अंतरिक्ष अभियान एक्सिओम मिशन-4 के लिए फाइनल किए गए चार क्रू मेंबर्स के मुख्य पायलट होंगे। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने का कीर्तिमान रचेंगे। शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका निभाएंगे और तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों के साथ दो हफ्ते तक आईएसएस पर रुकेंगे। राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बनेंगे। शुभांशु शुक्ला की ये यात्रा 1984 में राकेश शर्मा की यात्रा के चार दशक बाद हो रही है। 1984 में राकेश शर्मा ने रूस के सोयुज अंतरिक्षयान पर अंतरिक्ष की यात्रा की थी।
शुभांशु शुक्ला कौन हैं?
उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ। वह भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन के पद पर हैं। वर्ष 2006 में फाइटर जेट उड़ाने वाले बेड़े का हिस्सा बने शुभांशु फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक टेस्ट पायलट हैं, जिनके पास लगभग दो हजार घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने जून 2006 में वायुसेना की फाइटर विंग में कमीशन प्राप्त किया। एक्स-4 वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे कई विमान उड़ाए हैं। उन्हें मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली। वह वर्ष 2019 में भारत के पहले मानव अंतरिक्ष अभियान गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुने गए थे। उन्होंने भारत और रूस के बीच गगनयान मिशन की ट्रेनिंग के लिए हुए समझौते के तहत 2021 में मॉस्को में गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद इसरो के बंगलूरू स्थित ट्रेनिंग सेंटर में जारी परीक्षणों में भी शामिल रहे। 27 फरवरी, 2024 को गगनयान मिशन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु शुक्ला के नाम की घोषणा की। वहीं बीते साल अगस्त में एक्सिओम मिशन-4 के लिए चयन हुआ और 31 जनवरी, 2025 को आखिरकार मिशन के अंतिम क्रू मेंबर में शामिल हुए।
क्या है एक्सिओम मिशन 4?
यह मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक होगा, साथ ही पोलैंड और हंगरी के लिए भी। ये दोनों देश 40 साल बाद पहली बार मानव अंतरिक्ष उड़ान में हिस्सा लेंगे। यह पहली बार होगा जब भारत, पोलैंड और हंगरी एक संयुक्त मिशन के तहत आईएसएस पर साथ जाएंगे। इस मिशन को फाल्कन 9 रॉकेट पर स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल में लॉन्च किया जाएगा। एक्सिओम-4 चालक दल का प्रक्षेपण फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से होगा।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि मिशन में नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन भी शामिल हैं, जो मिशन की कमान संभालेंगी। निजी मिशन के अन्य सदस्य पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू हैं, जो पोलैंड और हंगरी के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं।