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Korea: सिओल में मंडराते रहे उत्तर कोरिया के ड्रोन, एक को भी नहीं मार गिरा पाई सेना, राष्ट्रपति ने कही ये बात

Tue, 27 Dec 2022 05:31 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 27 Dec 2022 05:31 PM IST
सार

राष्ट्रपति योल ने कैबिनेट के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा, ये पिछले कई सालों से सेना की तैयारियों और प्रशिक्षण में कमी को दिखाती है। इससे स्पष्ट होता है कि सेना को और ज्यादा तैयारी व प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

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North Korean drones kept hovering in Seoul army could not kill even one President said this
yoon suk yeol, यून सुक-योल - फोटो : ट्विटर

विस्तार

उत्तर कोरिया के ताजा ड्रोन हमलों ने सिओल की हवाई सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने मंगलवार को कहा कि वह ड्रोन्स में विशेषज्ञता रखने वाला सेना दल बनाना चाहते हैं। इससे एक दिन पहले पांच ड्रोन दक्षिण कोरिया के सीमा क्षेत्र में घुसे। 2017 के बाद यह इस तरह की पहली घटना बताई जा रही है। 

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पड़ोसी देश उत्तर कोरिया के ड्रोन सोमवार को राजधानी सिओल समेत अन्य प्रमुख शहरों में मंडराते रहे। दक्षिण कोरिया ने जवाबी कार्रवाई में सौ राउंड गोलियां दांगी लेकिन किसी भी ड्रोन को गिराने में सफल नहीं हो सका। 
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इसके बाद राष्ट्रपति योल ने कैबिनेट के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा, ये पिछले कई सालों से सेना की तैयारियों और प्रशिक्षण में कमी को दिखाती है। इससे स्पष्ट होता है कि सेना को और ज्यादा तैयारी व प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए पुरानी सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। 
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राष्ट्रपति ने कहा, हम एक ड्रोन यूनिट स्थापित करने की योनजा बना रहे हैं, ताकि उत्तर कोरिया के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर नजर रख सकें। उन्होंने आधुनिक स्टिल्थ ड्रोन्स के साथ देश की निगरानी क्षमता बढ़ाने को भी कहा। 

दूसरी, उत्तर कोरिया के एक भी ड्रोन न गिराने पर दक्षिण कोरिया की सेना ने माफी मांगी है। सेना की ओर से कहा गया, हम नागरिक सुरक्षा को देखते हुए ड्रोन्स पर ज्यादा आक्रामकता के साथ हमले नहीं कर सकते थे, क्योंकि उनके आकार बहुत छोटे थे। सेना ने देश में एंटी ड्रोन क्षमता बढ़ाने की मांग की। 


ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के एक वरिष्ठ अधिकारी कांग शिन चुल ने कहा, हमें इस बात का खेद है कि हम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुश्मन के ड्रोन्स को मार गिराने में नाकामयाब रहे। 

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