उत्तर पूर्व भारत महोत्सव: मनमोहक लोक प्रस्तुतियों से सराबोर हुआ उत्सव, वियतनामी कलाकारों ने बांधा समा
यह 3 दिवसीय उत्सव 27 अक्तूबर को वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में शुरू हुआ था और रविवार को शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के जरिये भारत और वियतनाम के प्रतिष्ठित लोगों ने शिक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक जागरूकता पर रचनात्मक संवाद में भाग लिया।
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तीसरे उत्तर पूर्व भारत महोत्सव के तहत (नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल) रविवार को आयोजित ग्रैंड फिनाले सांस्कृतिक विविधता के जीवंत उत्सव के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में बगरुम्बा (बोरो), भोरताल (असम), ड्रम एन्सेम्बल और बांसुरी (मेघालय), तिवा नृत्य (असम), म्वासागलांगनाई (बोरो), बिहू नृत्य (असम), मिशिंग (असम) दाओसरी देलाई (बोरो), ड्रम बीटिंग (मेघालय), और जरापगला (बोरो) का समेत उत्तर पूर्वी नृत्य रूपों का कई रूपों में प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा वियतनामी कलाकारों की मनमोहक लोक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को अनूठा बना दिया।
यह 3 दिवसीय उत्सव 27 अक्तूबर को वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में शुरू हुआ था और रविवार को शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के जरिये भारत और वियतनाम के प्रतिष्ठित लोगों ने शिक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक जागरूकता पर रचनात्मक संवाद में भाग लिया।
इसमें प्रमुख रूप से दोनों देशों के केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, प्रांतीय नेताओं, उद्यमियों, निवेशकों और टूर ऑपरेटर शामिल हुए। उत्सव के पहले और दूसरे दिन शिक्षा के आदान-प्रदान, व्यापार और व्यावसायिक पहल, उड़ान कनेक्टिविटी और पर्यटन सहयोग पर चर्चा एवं साझेदारी की एक शृंखला का आयोजन किया गया।