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अफगानिस्तान: काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद मलाला यूसुफजई ने क्या-क्या कहा

Mon, 16 Aug 2021 07:05 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 16 Aug 2021 07:05 AM IST
सार

  • मलाला ने महिलाओं और अल्पसंख्यकों की काफी ज्यादा चिंता जाहिर की
  • आलोचकों ने खूब ट्रोल किया शायद इसी दवाब में उन्होंने ये ट्वीट किया है
  • तालिबान ने मलाला के सिर में गोली मार दी थी, लेकिन वे बच गई थीं

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nobel prize winner malala yousafzai statement over Taliban occupation of Afghanistan
malala yousafzai - फोटो : social media

विस्तार

अफगानिस्तान में तालिबान ने पूरी तरह से अपनी पकड़ बना ली है। राष्ट्रीय राजधानी काबुल में आज तालिबान ने कब्जा जमा लिया। वहीं अब सामाजिक कार्यकर्ता और नोबल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करके महिलाओं और अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता जाहिर की है।

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मलाला ने ट्वीट में लिखा कि तालिबान जिस तरह से अफगानिस्तान में कब्जा जमाता जा रहा है, ये देख मैं स्तब्ध हूं, परेशान हूं। मुझे महिलाओं की, अल्पसंख्यकों की काफी ज्यादा चिंता है। हर छोटे-बड़े देशों से अपील है कि अफगानिस्तान में तुरंत सीजफायर करवाया जाए और शरणार्थियों और आम लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
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दरअसल नोबल पुरस्कार विजेता मलाला का ट्वीट काफी देर के बाद आया है जब लोग उनको सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल कर रहे थे। इतना सब हो जाने के बाद मलाला ने एक भी ट्वीट या कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की थी। 


इसे देखकर उनके आलोचकों ने खूब ट्रोल किया शायद इसी दवाब में उन्होंने ये ट्वीट किया है। मलाला युसुफजई तालिबान के निशाने पर पहले से हैं। इस कारण उनको पाकिस्तान भी छोड़ना पड़ा था।

मलाला यूसुफजई का जन्म 12 जुलाई, 1997 को पाकिस्तान में हुआ था। वहीं मात्र 17 साल की उम्र में उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने छोटी से उम्र में ही महिलाओं के लिए आवाज उठाना शुरू कर दिया था और लड़कियों की पढ़ाई को लेकर कई अभियान भी चलाए थे, नतीजतन तालिबान ने मलाला के सिर में गोली मार दी थी। लेकिन उन्हें बेहतर इलाज मिला और वे बच गईं। मलाला को सबसे कम उम्र में नोबल पुरस्कार मिला है।

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