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Nobel Prize 2020 Physics News: ब्लैकहोल की खोज और रहस्य खोलने वाले तीन वैज्ञानिकों को भौतिकी का नोबेल

Tue, 06 Oct 2020 05:53 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 06 Oct 2020 05:53 PM IST
सार

  • साल 2020 के फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार विजेताओं का हुआ एलान 
  • ब्लैक होल से संबंधित खोज के लिए रोजर पेनरोज को मिला पुरस्कार
  • रेनहर्ड और एंड्रिया को सुपरमैसिव कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज के लिए
  • आधी राशि पेनरोज और बाकी में से आधी-आधी एंड्रिया और रेनहर्ड को

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Nobel Prize in Physics News in Hindi: 2020 Nobel Prize in Physics jointly awarded to Roger Penrose, Reinhard Genzel and Andrea Ghez
नोबेल पुरस्कार 2020 फिजिक्स: रोजर पेनरोज, रेनहर्ड गेंजेल और एंड्रिया घेज - फोटो : twitter.com/NobelPrize

विस्तार

Physics Nobel Prize 2020: साल 2020 में फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार विजेता का एलान हो गया है। इस साल यह पुरस्कार रोजर पेनरोज, रेनहार्ड गेंजेल और एंड्रिया गेज को दिया गया है। पुरस्कार राशि में से आधा हिस्सा पेनरोज को दिया जाएगा और बाकी आधे में से आधी-आधी राशि रेनहार्ड और एंड्रिया को मिलेगी।

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इस बार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार रोजर पेनरोज को यह पुरस्कार इस खोज के लिए दिया गया है कि ब्लैक होल का गठन सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का एक मजबूत पूर्वानुमान है। वहीं, रेनहर्ड गेंजेस और एंड्रिया गेज को यह पुरस्कार हमारी आकाशगंगा के केंद्र में एक सुपरमैसिव कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज के लिए दिया गया है। 

रोजर पेनरोज: साबित किया वास्तव में बन सकते हैं ब्लैकहोल 

नोबेल पुरस्कार समिति ने बुधवार को इसकी घोषणा में लिखा, ‘पेनरोज ने बताया कि ब्लैक होल का निर्माण सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का सीधा परिणाम है।’ उन्हें पुरस्कार की आधी राशि दी जाएगी। वहीं गेंजल और गेज को ‘हमारी आकाशगंगा के केंद्र में बेहद विशाल, ठोस लेकिन अदृश्य वस्तु यानी ब्लैक होल की खोज के लिए नोबल दिया गया।’ इन दोनों को बाकी आधी पुरस्कार राशि दी जाएगी।

रोलर पेनरोज : आइंस्टीन को भी जिस पर यकीन नहीं था, उस ब्लैक होल को साबित किया

1931 में जन्मे पेनरोज 1957 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी कर ऑक्सफोर्ड विवि में प्रोफेसर बने। उन्होंने जनवरी 1965 में साबित किया कि ब्लैक होल का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि ब्लैक होल में सिंगुलैरिटी (अंतरिक्ष व समय का ऐसा बिंदु जहां कोई चीज अनंत हासिल कर लेती है) छिपी होती है। यहां प्रकृति के सभी नियम खत्म हो जाते हैं। ब्लैक होल अपनी जद में आई हर चीज को निगल जाते हैं। इनमें प्रकाश भी शामिल है। पेनरोज का यह लेख अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु के 10 वर्ष बाद आया था और उनके सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत को सबसे बड़ा योगदान माना जाता है। पेनरोज ने गणितीय मॉडल के जरिए साबित किया कि ब्लैक होल इसी सिद्धांत का परिणाम हैं। सबसे अहम बात, खुद आइंस्टीन को भी यकीन नहीं था कि ब्लैक होल होते हैं।

रेनहार्ड गेंजल और एंड्रिया गेज : आकाश गंगा के केंद्र में ब्लैक होल का साक्ष्य दिया

जर्मनी में 1952 में जन्मे गेंजल ने 1978 में बॉन विवि से पीएचडी की। वे कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बने। वहीं 1965 में जन्मीं एंड्रिया गेज ने 1992 में कैलिफोर्निया तकनीकी संस्थान से पीएचडी की और वहीं प्रोफेसर हैं। इन दोनों वैज्ञानिकों ने खगोलविज्ञानियों की एक-एक टीम का नेतृत्व कर 1990 से अंतरिक्ष के ‘सैगेटेरियस-ए’ नामक स्थान की पड़ताल करवाई। यह स्थान हमारी आकाश गंगा के केंद्र में है। उन्होंने यहां मौजूद सबसे चमकीले तारों के परिक्रमा पथ का सटीक अध्ययन किया। टीमें इस निष्कर्ष पर पहुंचीं कि केंद्र में कोई ऐसी अदृश्य विशाल वस्तु है जो तारों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने यहां हमारे सौर मंडल जितने आकार में 40 लाख सूर्य जितने द्रव्यमान की वस्तु होने का आकलन भी दिया। आधुनिक दूरबीनों और तकनीकों की मदद से उन्होंने साक्ष्य दिए कि यह वस्तु आकाश गंगा के केंद्र में मौजूद ब्लैक होल है।

भावी अध्ययन के लिए प्रेरणा देंगी यह खोज : नोबल समिति

नोबल समिति भौतिकी के अध्यक्ष डेविड हविलैंड ने लिखा कि यह दोनों खोज अंतरिक्ष में ठोस और बेहद विशाल वस्तुओं के अध्ययन के लिए नई दिशा देती हैं। ब्लैक होल की वजह से कई नए प्रश्न जन्म ले चुके हैं और इनका जवाब तलाशने के लिए भविष्य के अध्ययन को प्रेरणा मिलेगी।

भौतिकी में नोबल पाने वाली एंड्रिया चौथी महिला

एंड्रिया गेज ने भौतिकी का नोबल पाने के साथ इतिहास में ऐसा करने वाली चौथी महिला होने का मुकाम भी पाया। इससे पहले 1903 में मैडम क्यूरी, 1963 में मारिया जियोपर्ट मायर और 2018 में डोना स्ट्रिकलैंड को यह सम्मान मिला था।

बाकी पुरस्कारों की घोषणा अगले छह दिन में 
- रसायन शास्त्र का : बुधवार, स्वीडन में
- साहित्य : बृहस्पतिवार, स्वीडन में
- शांति : शुक्त्रस्वार, नॉर्वे में
- अर्थशास्त्र नोबल स्मृति सम्मान : सोमवार, स्वीडन

 

रेनहर्ड और एंड्रिया : सुपरमैसिव कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज

रेनहर्ड गेंजेल और एंड्रिया गेज ने दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीनों का उपयोग करते हुए हमारी आकाशगंगा मिल्की वे के केंद्र में इंटरस्टेलर गैस और धूल के विशाल बादलों के पार देखने के तरीकों का विकास किया। उनके काम ने हमें मिल्की वे के केंद्र में एक सुपरमैसिव ब्लैक होल के अभी तक के सबसे ठोस सबूत दिए हैं।

फिजिक्स के नोबेल के लिए समिति के अध्यक्ष डेविड हैविलैंड ने कहा कि इस साल के विजेताओं की खोजों ने सुपरमैसिव और कॉम्पैक्ट वस्तुओं के अध्ययन में नई ऊंचाइयों को छुआ है। लेकिन अभी भी कई सवाल हैं, जैसे कि उनकी आंतरिक संरचना और ब्लैक होल के आस-पास हम गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का परीक्षण कैसे करें।

पिछले साल इन तीन लोगों को मिला था फिजिक्स का नोबेल

पिछले साल यह पुरस्कार कनाडा के कॉस्मॉलजिस्ट जेम्स पीबल्स को बिग बैंग के बाद के समय पर थ्योरी के लिए दिया गया था। उनके साथ स्विस ऐस्ट्रोनॉमर मिचेल मेयर और डीडियर कुएलोज को यह पुरस्कार मिला था। इन्हें हमारे सौर मंडल के बाहर के ग्रह की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। 

हेपेटाइटिस सी वायरस की खोज के लिए चिकित्सा का नोबेल

इससे पहले सोमवार को चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल विजेता का एलान किया गया था। यह पुरस्कार हेपेटाइटिस सी वायरस की खोज करने वाले हार्वी जे ऑल्टर, माइकल ह्यूटन और चार्ल्स एम राइस को दिया जाएगा। नोबेल विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है जो  चिकित्सा के अलावा शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है।

विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार नोबेल फिजिक्स के अलावा चिकित्सा, शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में हर साल दिया जाता है। इसे डायनामाइट का आविष्कार करने वाले स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में शुरू किया गया था। पुरस्कार के विजेता को प्रशस्ति पत्र के साथ करीब 10 लाख डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।

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