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दुनिया के इस शहर में दो महीने तक छाया रहता है अंधेरा, जानें क्यों
Sat, 05 Jan 2019 02:53 PM IST
अजय सिंह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अजय सिंह
Updated Sat, 05 Jan 2019 02:53 PM IST
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कहते हैं कि सूरज ऊर्जा का स्त्रोत है। हमारे दिन की शुरुआत भी सूरज निकलने पर ही होती है। मगर क्या होगा अगर सूरज निकले ही नहीं और अंधेरा छाया? दुनिया का एक ऐसा ही शहर है जहां के लोगों को दो महीने तक सूरज के दीदार नहीं होते। इस शहर का नाम है नोरिल्स्क, जो रूस के साइबेरिया में पड़ता है। यह दुनिया का सबसे ठंडा शहर होने के नाते भी जाना जाता है।
-61 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है तापमान
यहां पड़ने वाली सर्दी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल के नौ महीने यह शहर बर्फ की चादर में ढका रहता है। ठंड के दिनों में यहां का तापमान माइनस 61 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क जाता है। आम दिनों में भी यहां तापमान भी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहता है। यहां दिसंबर की शुरुआत से जनवरी के अंत तक लगातार पड़ने वाली ठंड के कारण लोग सूर्योदय नहीं देखा पाते या यूं कहे कि सूरज निकलता ही नहीं है।
रूस की राजधानी मॉस्को से 2900 किमी की दूरी पर बसे इस शहर तक जलमार्ग या हवाई मार्ग के रास्ते ही पहुंचा जा सकता है। इस शहर तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है। सड़क न मौजूद होने के बावजूद भी यहां सिनेमाघर, कैफे, चर्च, बार आदि मौजूद है।
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सबसे अमीर और प्रदूषित शहरों में से एक
इस शहर में दुनिया का सबसे बड़ा प्लैटिनम, पैलेडियम और निकल धातु का भंडार है। इसलिए इसे सबसे अमीर शहर भी कहा जाता है। बड़े पैमाने पर खनन और शुद्धिकरण का काम होते रहने से यहां प्रदूषण की मात्रा काफी अधिक है। भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड निकलने की वजह से यह दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है।
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-61 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है तापमान
यहां पड़ने वाली सर्दी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल के नौ महीने यह शहर बर्फ की चादर में ढका रहता है। ठंड के दिनों में यहां का तापमान माइनस 61 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क जाता है। आम दिनों में भी यहां तापमान भी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहता है। यहां दिसंबर की शुरुआत से जनवरी के अंत तक लगातार पड़ने वाली ठंड के कारण लोग सूर्योदय नहीं देखा पाते या यूं कहे कि सूरज निकलता ही नहीं है।
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रूस की राजधानी मॉस्को से 2900 किमी की दूरी पर बसे इस शहर तक जलमार्ग या हवाई मार्ग के रास्ते ही पहुंचा जा सकता है। इस शहर तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है। सड़क न मौजूद होने के बावजूद भी यहां सिनेमाघर, कैफे, चर्च, बार आदि मौजूद है।
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सबसे अमीर और प्रदूषित शहरों में से एक
इस शहर में दुनिया का सबसे बड़ा प्लैटिनम, पैलेडियम और निकल धातु का भंडार है। इसलिए इसे सबसे अमीर शहर भी कहा जाता है। बड़े पैमाने पर खनन और शुद्धिकरण का काम होते रहने से यहां प्रदूषण की मात्रा काफी अधिक है। भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड निकलने की वजह से यह दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है।