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बंदरगाहों पर दो भारतीय जहाज फंसने के लिए भारत से बिगडे़ रिश्ते जिम्मेदार नहीं: चीन
Sat, 26 Dec 2020 04:35 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, बीजिंग
एजेंसी, बीजिंग
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 26 Dec 2020 04:35 AM IST
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Chinese President Xi Jinping
- फोटो : ANI
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चीन ने शुक्रवार को कहा कि उसके बंदरगाहों पर दो भारतीय जहाजों के फंसने का भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ बिगड़े रिश्तों से कोई संबंध नहीं है। चीन ने यह स्पष्टीकरण भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से बृहस्पतिवार को दिल्ली में दोनों जहाजों को लेकर दिए गए बयान के जवाब में आया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को कहा था कि बल्क कार्गो जहाज एमवी जग आनंद 13 जून से चीन के हेबेई प्रांत में जिंगतांग बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए हैं। इस जहाज में 23 भारतीय सवार हैं। वहीं दूसरा जहाज एमवी अनस्टासिया 20 सितंबर से चीन के चाओफेइदियां बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए हैं। इसमें 16 भारतीय नागरिक भी हैं।
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दोनों ही जहाज सामान उतारने की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि इस दौरान अन्य देशों के जहाजों को सामान उतारने की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कहा था कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास लगातार चीन की केंद्रीय सरकार और प्रांतीय सरकार के अधिकारियों से जहाज को डॉक में जाने और क्रू सदस्यों को बदले जाने की अनुमति देने का आग्रह कर रहा है। चीनी अधिकारियों ने कोरोना महामारी से संबंधित प्रतिबंधों के चलते क्रू सदस्यों को बदलने की अनुमति नहीं दी है।
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इस बारे में शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, हम लगातार कह रहे हैं कि क्वारंटीन उपायों को लेकर चीन की स्पष्ट व्यवस्था है। इस मुद्दे पर चीन की भारतीय पक्ष के साथ लगातार वार्ता चल रही है और उनके आग्रह पर प्रतिक्रिया दी जा रही है। साथ ही जहाजों के क्रू सदस्यों के लिए आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
वेनबिन ने कहा, जहां तक मैं समझता हूं, चीन कुछ निश्चित क्वारंटीन मानक पूरे होने पर क्रू बदलने की मंजूरी देता है, लेकिन यह जिंगतांग बंदरगाह इस तरह क्रू बदलाव की इजाजत वाली सूची में शामिल नहीं है। वेनबिन ने हालांकि चाओफेइदियां बंदरगाह पर खड़े जहाज के 16 क्रू सदस्यों के बारे में कुछ नहीं कहा।
वेनबिन ने कहा, जहां तक द्विपक्षीय संबंधों से इसके जुड़ाव की बात है, तो मैं आपस में कोई लिंक नहीं देख पा रहा हूं। बता दें कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में अप्रैल से सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी हुई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के साथ भी कोरोना काल की शुरुआत के बाद से ही चीन के रिश्ते तल्ख चल रहे हैं।