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Havana Syndrome: 'हवाना सिंड्रोम और विदेशी ताकतों के बीच कोई संबंध नहीं', अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का दावा

Sat, 11 Jan 2025 03:33 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 11 Jan 2025 03:33 AM IST
सार

हवाना सिंड्रोम की विदेशी ताकतों से संबंध की जांंच कर रही सात खुफिया एजेंसियों में पांच एजेंसियों ने यह निष्कर्ष निकाला कि इन घटनाओं के पीछे विदेशी विरोधियों का हाथ होने की संभावना बहुत कम है। साथ ही दो एजेंसियों ने यह माना कि किसी विदेशी शक्ति द्वारा हथियार का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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'No connection between Havana syndrome and foreign powers', US spy agencies claim World News In Hindi
अमेरिका। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हवाना सिंड्रोम जिसकी उत्पत्ति दुनियाभर के लोगों के लिए एक रहस्य की तरह है। इसी सिलसिले में अमेरिका के कुछ खुफिया एजेंसियों का दावा सामने आया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि हवाना सिंड्रोम नामक रहस्यमयी चोटों से किसी विदेशी शक्ति का जुड़ा होना साबित नहीं हुआ है। हालांकि दो एजेंसियों ने यह माना है कि यह संभव है कि किसी विदेशी विरोधी ने ऐसे हथियार विकसित किए हों या उनका इस्तेमाल किया हो, जो कि इस छति का कारण बना हो।
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सिरदर्द, संतुलन की समस्या और सोचने-समझने में कठिनाई ये सारी हवाना सिंड्रोम के प्रमुख लक्षण माने जाते है। बता दें कि पहली बार ऐसे लक्षण 2016 में क्यूबा में देखे गए थे। इसके बाद कई अन्य देशों में अमेरिकी कर्मियों ने ऐसे लक्षणों की रिपोर्ट की थी। 
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सात खुफिया एजेंसियों की समीक्षा
जानकारी के अनुसार यह निष्कर्ष अमेरिकी राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा बताई गई मस्तिष्क की चोटों और अन्य लक्षणों की जांच करने वाली सात खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई समीक्षा के बाद सामने आया। इनमें से पांच एजेंसियों ने यह निष्कर्ष निकाला कि इन घटनाओं के पीछे विदेशी विरोधियों का हाथ होने की संभावना बहुत कम है, जबकि दो एजेंसियों ने यह माना कि किसी विदेशी शक्ति द्वारा हथियार का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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हालांकि, दो एजेंसियों ने यह माना कि विदेशी तकनीक से जुड़ी किसी विशिष्ट घटना के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इस संभावना को खुला रखा कि किसी विदेशी सरकार ने अमेरिकी कर्मियों को प्रभावित करने के लिए कोई हथियार या प्रोटोटाइप डिवाइस विकसित किया हो।

एनएससी के प्रवक्ता सीन सेवेट का बयान
शुक्रवार को जारी किए गए नए निष्कर्षों में कुछ खुफिया एजेंसियों द्वारा महत्वपूर्ण निर्णयों में बदलाव दिखाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मामले की और जांच की जरूरत है। मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता सीन सेवेट ने कहा कि इन मामलों पर अमेरिकी सरकार का ध्यान पूरी तरह से अडिग है और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रभावी शोध जारी रहे, घटनाओं की सही जांच की जाए और प्रभावित कर्मियों को उचित इलाज और लंबे समय तक देखभाल मिल सके।

अधिकारियों ने दी जानकारी
मामले में अधिकारी ने कहा कि अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अपने दृढ़ संकल्प में अधिक आश्वस्त थीं कि विदेशी सरकारें शामिल नहीं थीं, और कुछ अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा पाए गए विशिष्ट खुफिया सुराग किसी भी विदेशी भागीदारी पर संदेह पैदा करते हैं। साथ ही अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि किसी भी विशिष्ट घटना से किसी विदेशी अभिनेता को जोड़ने वाली कोई खुफिया जानकारी नहीं है।

क्या है हवाना सिंड्रोम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हवाना सिंड्रोम, कोई नई या उभरती हुई बीमारी नहीं है जो अचानक सामने आई हो। पहली बार साल 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में इसके मामले सामने आए थे। इसके बाद जर्मनी, ऑस्ट्रिया, रूस और चीन सहित अन्य देशों में इसकी शिकायत मिली।


साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि हवाना सिंड्रोम की समस्या वाले लोगों को मतली, ठीक से सुनाई न देने, याददाश्त की दिक्कत, चक्कर आने और टिनिटस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों बहुत ही तेज आवाज सुनाई देने की भी शिकायत हो सकती है।
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