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आईएमएफ-विश्व बैंक बैठक: निर्मला सीतारमण ने दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा
Wed, 20 Apr 2022 03:27 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 20 Apr 2022 03:27 AM IST
सार
वित्त मंत्रालय ने बताया कि निर्मला सीतारमण और के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने और द्विपक्षीय निवेश और व्यापार को बढ़ाने के अवसर तलाशने पर चर्चा हुई।" वित्त मंत्रालय ने आगे बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए दक्षिण अफ्रीका के राजस्व संग्रह को स्वीकृत किया।
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Nirmala Sitharaman and South African Finance Minister Enoch Godongwana
- फोटो : Twitter/ Ministry of Finance
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वाशिंगटन डीसी में दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्री एनोच गोडंगवाना से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।
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सीतारमण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की ग्रीष्मकालीन बैठक में भाग लेने के लिए यहां आई हुईं हैं। ये बैठकें सोमवार से चल रहीं हैं। इस दौरान वाशिंगटन में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के बीच बैठक आयोजित की गई।
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वित्त मंत्रालय ने बताया कि "दोनों मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने और द्विपक्षीय निवेश और व्यापार को बढ़ाने के अवसर तलाशने पर चर्चा हुई।" वित्त मंत्रालय ने आगे बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए दक्षिण अफ्रीका के राजस्व संग्रह को स्वीकृत किया। सीतारमण ने दक्षिण अफ्रीका के डरहम एवं क्वाजुलू नटाल प्रांतों में आई बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर गहरा दुख जताया।
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इससे पहले यात्रा के पहले दिन सोमवार को वित्त मंत्री ने आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा साथ मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और उनकी की मेजबानी में "मनी एट ए क्रॉसरोड" पर एक उच्च स्तरीय पैनल के साथ चर्चा में भाग लिया। आईएमएफ प्रमुख ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, "हम कितनी तेजी से, कितनी दूर और किस अनुपात में चौराहे पर हैं, लेकिन मैं इसे एकतरफा सड़क के रूप में देखता हूं जिसमें डिजिटल मनी एक बड़ी भूमिका निभाने जा रही है।" इस बीच आईएमएफ ने श्रीलंका की मदद करने को लेकर भारत की जमकर तारीफ की। बैठक के दौरान, उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की जो वर्तमान में वैश्विक और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के सामने हैं।
भू-राजनैतिक हालातों पर चर्चा
आईएमएफ चीफ के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्तमान में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बने भू-राजनैतिक हालातों पर गहन चर्चा की। इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव और ईंधन व बिजली की कीमतों में तेज इजाफा प्रमुख मुद्दे रहे। इस दौरान आईएमएफ चीफ ने अच्छी तरह से लक्षित भारतीय नीति का उल्लेख किया, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को सीमित वित्तीय साधनों के साथ भी लचीला रहने में मदद की है। निर्मला सीतारमण ने डिजिटल दुनिया में भारत के प्रदर्शन और पिछले एक दशक में डिजिटल बुनियादी ढांचे के ढांचे के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में बताया और कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में डिजिटल अपनाने की दर में वृद्धि पर जोर दिया।
क्रिप्टोकरेंसी को बताया बड़ा खतरा
आईएमएफ की बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी के खतरे के प्रति भी दुनिया के सभी देशों को चेताया। उन्होंने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बड़ा जोखिम ये है कि इसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के वित्तपोषण यानी टेरर फंडिंग में किया जा सकता है। सभी देशों को चेताते हुए उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के जोखिम को कम करने के लिए तकनीाक के इस्तेमाल के साथ सख्त नियम-कानून बनाना एकमात्र तरीका है।
बता दें कि वाशिंगटन में बैठक समाप्त होने के बाद सीतारमण 24 अप्रैल को सैन फ्रांसिस्को जाएंगी, जहां वह व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगी और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के साथ बातचीत करेंगी। वह 27 अप्रैल को भारत के लिए रवाना होंगी।