{"_id":"637facc51d9ef320f048f29e","slug":"nirav-modi-seeks-permission-appeal-uk-sc-against-extradition-sunak-join-asian-rich-list-2022","type":"story","status":"publish","title_hn":"UK: प्रत्यर्पण के खिलाफ नीरव मोदी ने SC में अपील करने की अनुमति मांगी, सुनक एशियाई अमीरों की सूची में शामिल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UK: प्रत्यर्पण के खिलाफ नीरव मोदी ने SC में अपील करने की अनुमति मांगी, सुनक एशियाई अमीरों की सूची में शामिल
Thu, 24 Nov 2022 11:11 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 24 Nov 2022 11:11 PM IST
सार
नीरव मोदी (51) अभी लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। आम जनता के हित से जुड़े कानून के एक बिंदु के आधार पर उसके पास अपील दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय है।
विज्ञापन
ऋषि सुनक, नीरव मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने लंदन उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर कर अपने भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी है। लंदन उच्च न्यायालय ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ऋण घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोपों का सामना करने के लिए हाल ही में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था।
नीरव (51) अभी लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। आम जनता के हित से जुड़े कानून के एक बिंदु के आधार पर उसके पास अपील दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नीरव को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की राह में अब भी कई कानूनी अड़चनें हैं।
भारतीय अधिकारियों की ओर से काम कर रही क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के पास नीरव के नए आवेदन का जवाब देने के लिए पांच दिसंबर तक का समय है, जिसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश फैसला देंगे। पूरी प्रक्रिया में कई सप्ताह लगने की उम्मीद है और इस साल के अंत तक इसका परिणाम आने की संभावना नहीं है। न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने नीरव को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला नौ नवंबर को सुनाया था।
विज्ञापन
अदालत ने मनोरोग विशेषज्ञों के बयान के आधार पर कहा था कि उसे ऐसा नहीं लगता कि नीरव की मानसिक स्थिति अस्थिर है और उसके खुदकुशी करने का जोखिम इतना ज्यादा है कि उसे भारत प्रत्यर्पित करना अन्यायपूर्ण और दमनकारी कदम साबित होगा। फैसले में यह भी कहा गया कि प्रत्यर्पण के बाद हीरा कारोबारी को मुंबई की जिस आर्थर रोड जेल की बैरक 12 में रखा जाना है, उसमें सुरक्षा के ‘‘पर्याप्त उपाय’’ किए गए हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फैसले के बाद कहा था कि लंदन उच्च न्यायालय में नीरव मोदी मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान दो मनोरोग विशेषज्ञों की गवाही उसकी खराब मनोवैज्ञानिक स्थिति के तर्क के खारिज होने में महत्वपूर्ण साबित हुई और इसके चलते फैसला भारत के पक्ष में आया। नीरव को इस साल फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गई व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गई थी।
भगोड़ा कारोबारी के खिलाफ दो मामले हैं। एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके और सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, दूसरा मामला इस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद करने से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है। नीरव पर साक्ष्य मिटाने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं।
सुनक, उनकी पत्नी ब्रिटेन में एशियाई अमीरों की सूची में शामिल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन में ‘एशियाई अमीरों की सूची 2022’ में शामिल हैं। इस सूची में शीर्ष पर हिंदुजा परिवार को रखा है। सुनक और अक्षता मूर्ति 79 करोड़ पाउंड की अनुमानित संपत्ति के साथ सूची में 17वें स्थान पर हैं। अक्षता मूर्ति के पिता एन आर नारायण मूर्ति भारतीय आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक हैं।
इस साल की सूची में शामिल अमीरों की कुल संपत्ति 113.2 अरब पाउंड है, जो पिछले साल की तुलना में 13.5 अरब पाउंड अधिक है। इस सूची में हिंदुजा परिवार लगातार आठवीं बार शीर्ष पर है। उनकी अनुमानित संपत्ति 30.5 अरब पाउंड है, जो पिछले साल से तीन अरब पाउंड अधिक है।
लंदन के मेयर सादिक खान ने बुधवार रात वेस्टमिंस्टर पार्क प्लाजा होटल में 24वें वार्षिक एशियाई कारोबारी पुरस्कार के दौरान हिंदुजा समूह के सह-चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा की बेटी रितु छाबड़िया को ‘एशियाई अमीरों की सूची 2022’ की एक प्रति भेंट की।
विज्ञापन
नीरव (51) अभी लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। आम जनता के हित से जुड़े कानून के एक बिंदु के आधार पर उसके पास अपील दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नीरव को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की राह में अब भी कई कानूनी अड़चनें हैं।
विज्ञापन
भारतीय अधिकारियों की ओर से काम कर रही क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के पास नीरव के नए आवेदन का जवाब देने के लिए पांच दिसंबर तक का समय है, जिसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश फैसला देंगे। पूरी प्रक्रिया में कई सप्ताह लगने की उम्मीद है और इस साल के अंत तक इसका परिणाम आने की संभावना नहीं है। न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने नीरव को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला नौ नवंबर को सुनाया था।
विज्ञापन
अदालत ने मनोरोग विशेषज्ञों के बयान के आधार पर कहा था कि उसे ऐसा नहीं लगता कि नीरव की मानसिक स्थिति अस्थिर है और उसके खुदकुशी करने का जोखिम इतना ज्यादा है कि उसे भारत प्रत्यर्पित करना अन्यायपूर्ण और दमनकारी कदम साबित होगा। फैसले में यह भी कहा गया कि प्रत्यर्पण के बाद हीरा कारोबारी को मुंबई की जिस आर्थर रोड जेल की बैरक 12 में रखा जाना है, उसमें सुरक्षा के ‘‘पर्याप्त उपाय’’ किए गए हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फैसले के बाद कहा था कि लंदन उच्च न्यायालय में नीरव मोदी मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान दो मनोरोग विशेषज्ञों की गवाही उसकी खराब मनोवैज्ञानिक स्थिति के तर्क के खारिज होने में महत्वपूर्ण साबित हुई और इसके चलते फैसला भारत के पक्ष में आया। नीरव को इस साल फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गई व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गई थी।
भगोड़ा कारोबारी के खिलाफ दो मामले हैं। एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके और सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, दूसरा मामला इस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद करने से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है। नीरव पर साक्ष्य मिटाने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं।
सुनक, उनकी पत्नी ब्रिटेन में एशियाई अमीरों की सूची में शामिल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन में ‘एशियाई अमीरों की सूची 2022’ में शामिल हैं। इस सूची में शीर्ष पर हिंदुजा परिवार को रखा है। सुनक और अक्षता मूर्ति 79 करोड़ पाउंड की अनुमानित संपत्ति के साथ सूची में 17वें स्थान पर हैं। अक्षता मूर्ति के पिता एन आर नारायण मूर्ति भारतीय आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक हैं।
इस साल की सूची में शामिल अमीरों की कुल संपत्ति 113.2 अरब पाउंड है, जो पिछले साल की तुलना में 13.5 अरब पाउंड अधिक है। इस सूची में हिंदुजा परिवार लगातार आठवीं बार शीर्ष पर है। उनकी अनुमानित संपत्ति 30.5 अरब पाउंड है, जो पिछले साल से तीन अरब पाउंड अधिक है।
लंदन के मेयर सादिक खान ने बुधवार रात वेस्टमिंस्टर पार्क प्लाजा होटल में 24वें वार्षिक एशियाई कारोबारी पुरस्कार के दौरान हिंदुजा समूह के सह-चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा की बेटी रितु छाबड़िया को ‘एशियाई अमीरों की सूची 2022’ की एक प्रति भेंट की।