मन की बात: PM मोदी को सुनने के लिए UK में खचाखच भरा हॉल; न्यूजीलैंड में प्रवासी भारतीय समुदाय ने मनाया जश्न
उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने बताया कि 'मन की बात' संबोधन सामुदायिक रेडियो, सामुदायिक वेब चैनलों और बर्मिंघम व एडिनबर्ग में भारतीय वाणिज्य दूतावासों में भी लाइव किया गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम 'मन की बात' की 100वीं कड़ी को रविवार को इंडिया हाउस में भी सुना गया। इसको सुनने के बाद उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहगा कि यह समुदाय आधारित कार्यक्रम सभी के लिए एक साथ जुड़ने का एक अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा, 'मन की बात' के 100वें एपिसोड में उच्चायोग में अपने समुदाय के लोगों की मेजबानी करना बहुत खुशी की बात है। इसे सामुदायिक कार्यक्रम का रूप देने का विचार काफी खास है। आप देख सकते हैं कि लंदन में 1.8 मिलियन लोगों के समुदाय में इसका हिस्सा बनने के लिए बहुत उत्साह है।
बर्मिंघम व एडिनबर्ग में वाणिज्य दूतावासों में भी लाइव हुआ कार्यक्रम
उच्चायुक्त ने बताया कि 'मन की बात' संबोधन सामुदायिक रेडियो, सामुदायिक वेब चैनलों और बर्मिंघम व एडिनबर्ग में भारतीय वाणिज्य दूतावासों में भी लाइव किया गया। उन्होंने कहा, यह सामुदायिक रेडियो, सामुदायिक वेब चैनलों और बर्मिंघम और एडिनबर्ग में हमारे वाणिज्य दूतावासों में भी लाइव किया गया है... इसलिए इसने सभी के लिए एक समुदाय-आधारित कार्यक्रम के साथ जुड़ने का एक अच्छा अवसर बना दिया है।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद नहीं थी: जितेंद्र सिंह
एक अलग बयान में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि लंदन के इंडिया हाउस में 'मन की बात' पर भारी भीड़ उमड़ेगी। उन्होंने कहा, हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद नहीं थी। मुझे लगता है कि पूरे इंग्लैंड के प्रवासी यहां इंडिया हाउस में है... यह इस बात का भी संकेत है कि लोगों का पीएम मोदी पर कितना भरोसा है।
विदेश मंत्री जयशंकर बोले- यह लोगों लिए एक भावनात्मक दिन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी 'मन की बात' के 100वें एपिसोड के प्रसारण को एक भावनात्मक घटना बताया। न्यू जर्सी में 'मन की बात' की 100वीं कड़ी का सीधा प्रसारण सुनने के लिए एकत्र हुए प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण दिन है और हममें से कई लोगों के लिए भावनात्मक दिन है।
जयशंकर ने कहा कि उनके सामने अक्सर यह सवाल आता है कि पीएम मोदी, जो सबसे अधिक तकनीक-प्रेमी प्रधानमंत्री हैं, एक ऐसे माध्यम का इस्तेमाल क्यों करते हैं जो लगभग 100 साल पुराना है। उन्होंने कहा, आपको समझना होगा कि पीएम मोदी के 'मन की बात' का बहुत बड़ा प्रभाव है, इसलिए नहीं कि माध्यम 100 साल पुराना है, कहीं न कहीं पीएम मोदी और भारत के लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव है।
लेखक अमीश ने लंदन के इंडिया हाउस में 'मन की बात' का 100वां एपिसोड भी सुना। उन्होंने कहा, आप 'मन की बात' के लिए दर्शकों के उत्साह को देख सकते हैं, सुबह 6:30 बजे हॉल खचाखच भरा हुआ था।
न्यूजीलैंड में प्रवासी भारतीय समुदाय की महिलाओं ने मनाया जश्न
'मन की बात' कार्यक्रम के 100 एपिसोड पूरे होने के मौके पर प्रवासी भारतीय समुदाय की 100 से अधिक महिलाओं ने रविवार को जश्न मनाया। इन महिलाओं में रामी बेन शामिल थीं, जो 100 साल की हैं, इस उम्र में भी उनका उत्साह कम नहीं था। रामी बेन ने पीएम मोदी को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा, मन, तन और धन से खुश रहो, ये आपके लिए मेरा आशीर्वाद है। आपको अच्छा स्वास्थ्य, धन और मन मिले। इस बीच, कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के पूर्व उप प्रधान मंत्री विंस्टन पीटर्स ने भी भाग लिया।
पीटर्स ने कहा, इस कार्यक्रम में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह प्रधानमंत्री मोदी के लाइव संबोधित का मौका है, जिनसे मुझे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला है। यह 'मन की बात' कार्यक्रम दिल से बातचीत है। मुझे इस कार्यक्रम के 100वें एपिसोड के मौके पर शामिल होने पर गर्व है। पीएम मोदी के 'मन की बात' की 100वीं कड़ी को न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में सुना गया।
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