सावधान: ऑस्ट्रेलिया में हो रही चीनी छात्रों की वर्चुअल किडनैपिंग, 17-23 साल के बच्चों को बनाया जा रहा निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी अभी तक छात्रों से सात लाख डॉलर यानी 6 करोड़ से अधिक रुपये वसूल चुके हैं। बताया जा रहा है कि छात्रों को तब तक धमकी दी जाती है, जबतक वे डेढ़ लाख से लेकर ढाई लाख डॉलर तक इन अपराधियों को न दे दें।
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे चीनी छात्रों के दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे ऐंठने के लिए वर्चुअल अपहरण किए जा रहे हैं। पिछले एक महीने में इस तरह के चार मामले सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार ठगों ने खुद को चीनी अधिकारी बताकर इन छात्रों को डराया, उन्हें जबरन अपने ही अपहरण का नाटक करने पर मजबूर किया और फिर फिरौती में लाखों ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ले उड़े। इन छात्रों की उम्र 17 से 23 के बीच बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी अभी तक छात्रों से सात लाख डॉलर यानी 6 करोड़ से अधिक रुपये वसूल चुके हैं। बताया जा रहा है कि छात्रों को तब तक धमकी दी जाती है, जबतक वे डेढ़ लाख से लेकर ढाई लाख डॉलर तक इन अपराधियों को न दे दें।
चीनी दूतावास होने का देते हैं हवाला
बता दें, अपराधी अक्सर फोन कर चीनी दूतावास या पुलिस से होने का दावा करते हैं। वे मैंडरिन में बात करते हैं और अपने शिकार को शुरू में बताते हैं कि उस पर चीन में किसी जुर्म का आरोप है या उन्हें यह बताते कि उनकी पहचान चोरी कर ली गई है। उसके बाद धमकी देते कि अगर उन्होंने कुछ पैसे नहीं दिए तो उन्हें वापस चीन भेज दिया जाएगा। बदमाश इसके बाद भी अपने शिकार को तब तक धमकाते रहते जब तक वह ऑफशोर बैंक खातों में एक मोटी रकम नहीं डाल देते।
आंखों पर पट्टी बांधकर बनवाते हैं वीडियो
कुछ मामलों में शिकार हुए छात्रों को कहा जाता कि वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से कोई संपर्क ना रखें फिर उन्हें कहा जाता कि वह खुद को बंधक दिखाते हुए अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर अपना वीडियो बनाएं। इसके बाद इस तरह के वीडियो का इस्तेमाल फिरौती की रकम मांगने में करते।
ऐसे करते हैं फिरौती
हाल ही में, एक व्यक्ति ने एक 17 वर्षीय लड़के को फोन करके अपने आपको डाक सेवा कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसके नाम से एक पैकेज मिला है, जिसमें वर्जित सामान था। इसे जांच के लिए चीन की पुलिस को भेजा गया था। उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए 20,000 डॉलर का भुगतान करना होगा। बदमाश ने बच्चे से कहा था कि अगर अपने परिवार से रुपये लेने हैं, तो वह अपना अपहरण कर ले।
पीड़ितों को सलाह- ऐसे फोन न उठाएं
डिटेक्टिव सुपरिटेंडेंट जो दुएही ने कहा कि यह शर्मनाक है कि अपराधी अध्ययन करने के लिए ऑस्ट्रेलिया आए छात्रों को निशाना बना रहे है। जासूस ने पीड़ितों से आगे आने का भी आग्रह किया। उन्होंने सलाह दी कि जिस किसी को भी इस तरह का फोन आए वह फोन काट दें और अधिकारियों को घोटाले की सूचना दें।