Nepal President Election: नेपाल के राष्ट्रपति चुनाव में चलाए जा रहे एक से बढ़ कर एक दांव, आम सहमति का इंतजार
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को ठाकुर का नाम औपचारिक रूप से प्रस्तावित कर दिया। इसके पहले पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल से मुलाकात की थी। समझा जाता है कि ठाकुर का नाम आगे बढ़ाने की रणनीति दहल की शह पर ही अपनाई गई है...
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नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पार्टियां एक के बाद दूसरा दांव चल रही हैं, जबकि राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक अपने कई पत्ते उन्होंने अभी भी छिपा रखे हैं। राष्ट्रपति पद के लिए सर्व-सम्मत उम्मीदवार के रूप में एक तरफ लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के नेता महंत ठाकुर के नाम की अब औपचारिक रूप से चर्चा हो रही है, वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के नेता माधव कुमार नेपाल का नाम भी उछल गया है।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को ठाकुर का नाम औपचारिक रूप से प्रस्तावित कर दिया। इसके पहले पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल से मुलाकात की थी। समझा जाता है कि ठाकुर का नाम आगे बढ़ाने की रणनीति दहल की शह पर ही अपनाई गई है। उनका मकसद यह है कि राष्ट्रपति पद सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सबसे बड़े दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) को ना मिले।
दहल से मुलाकात के बाद लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के नेता राजेंद्र महतो ने कहा- ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रपति पद के लिए सर्व-सम्मत उम्मीदवार की तलाश में हैं। हम प्रधानमंत्री से मिले और राष्ट्रपति पद के ऐसे उम्मीदवार के बारे में अपनी राय उन्हें बताई। हमने कहा कि महंत ठाकुर के नाम पर राष्ट्रीय आम सहमति बन सकती है।’
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर दहल की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) और यूएमल के बीच मतभेद लगातार कायम हैं। विपक्षी नेपाली कांग्रेस ने इन दोनों दलों के बीच दरार चौड़ी करने के लिए चाल चली है। पार्टी ने इस मामले में दहल के इस रुख का समर्थन किया है कि अगले राष्ट्रपति के नाम पर सभी दलों के बीच आम सहमति तैयार की जानी चाहिए। जबकि पिछले 25 दिसंबर को जब दहल ने यूएमएल के साथ नया गठबंधन बनाया था, तब वे इस बात पर राजी हुए थे कि राष्ट्रपति का पद यूएमएल को मिलेगा। लेकिन बाद वे इस सहमति से मुकर गए।
तब से ये चर्चा है कि दहल यूएमएल के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद नेपाली कांग्रेस के साथ अपने तार जोड़े रखना चाहते हैं। इसके लिए वे राष्ट्रपति पद नेपाली कांग्रेस को देने पर भी राजी हो सकते हैं। नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने संदेह जताया है कि यूएमएल के नेता केपी शर्मा ओली दहल की इस मंशा को नाकाम करने के लिए माधव कुमार नेपाल का नाम आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।
खबरों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस राष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं को भरोसा है कि अगर मतदान की नौबत आई, तो माओइस्ट सेंटर के साथ-साथ कई छोटे दलों का समर्थन उसे मिलेगा।
नेपाल में अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान नौ मार्च को होगा। उम्मीदवारों के पर्चा भरने की आखिरी तारीख 25 फरवरी है। लेकिन मंगलवार रात तक इस बारे में सत्ताधारी गठबंधन के भीतर सहमति बनने के कोई संकेत नहीं थे। यूएमएल 25 दिसंबर की सहमति के मुताबिक यह पद मांग रही है। उसके नेता मीडिया ब्रीफिंग में बार-बार कह रहे हैं कि उसी सहमति के आधार पर दहल को प्रधानमंत्री पद मिला था।