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Nepal Politics: नेपाल में 9 जनवरी से चलेगा सदन का सत्र, कैबिनेट की सिफारिश पर राष्ट्रपति भंडारी का फैसला
Tue, 27 Dec 2022 04:38 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 27 Dec 2022 04:38 PM IST
सार
नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नवगठित कैबिनेट की सिफारिश पर 9 जनवरी 2023 को अगला सदन सत्र बुलाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को सूचित किया कि संविधान के अनुच्छेद 93 (1) के अनुसार दोपहर एक बजे सत्र बुलाया गया है।
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नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी
- फोटो : एजेंसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नवगठित कैबिनेट की सिफारिश पर 9 जनवरी 2023 को अगला सदन सत्र बुलाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को सूचित किया कि संविधान के अनुच्छेद 93 (1) के अनुसार दोपहर एक बजे सत्र बुलाया गया है। 20 नवंबर को हुए चुनावों के बाद पहली बार प्रतिनिधि सभा और नेशनल असेंबली की बैठक होने जा रही है।
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इससे एक दिन पहले सोमवार को पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। रविवार को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। प्रचंड ने नाटकीय रूप से नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले चुनाव पूर्व हुए गठबंधन से नाता तोड़ लिया था और विपक्ष के नेता केपी शर्मा ओली के साथ हाथ मिला लिया था। प्रचंड और ओली के बीच बारी-बारी से सरकार का नेतृत्व करने के लिए सहमति बनी है। प्रचंड को पहले प्रधानमंत्री बनाने पर ओली ने अपनी सहमति जताई थी।
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राष्ट्रपति भंडारी ने नई गठबंधन सरकार के अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल में तीन उप-प्रधानमंत्री हैं, जिनमें केपी शर्मा ओली के दल सीपीएन-यूएमएल से विष्णु पौडेल, सीपीएन-माओवादी सेंटर से नारायण काजी श्रेष्ठ और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) से रवि लामिछाने का नाम शामिल है। पौडेल को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि श्रेष्ठ को बुनियादी ढांचा एवं परिवहन मंत्रालय और लामिछाने को गृह मंत्रालय सौंपा गया है।
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ओली की पार्टी से ज्वाला कुमारी, दामोदर भंडारी और राजेंद्र कुमार राय को मंत्री बनाया गया है। वहीं, जनमत पार्टी के अब्दुल खान को भी मंत्री बनाया गया। भारी बहुमत से प्रधानमंत्री नियुक्त होने के बावजूद प्रचंड को अब 30 दिन के भीतर निचले सदन से विश्वास मत प्राप्त करना होगा।
इस बीच पूर्व टीवी एंकर रबी लामिछाने नेपाल की नई सरकार में शामिल हो गए। उन्हें उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बनाया गया है। लामिछाने की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 20 सीटें जीतीं और सत्तारूढ़ गठबंधन में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उन्हें चुनाव से पहले ही नई पार्टी बनाई थी।
नया बनेश्वर में संसद भवन में सोमवार को सत्तारूढ़ गठबंधन की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच के लिए सशक्त तंत्र बनाने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के बीच एक आम सहमति के बाद उन्होंने नई सरकार में शामिल होने का फैसला किया है।
उन्होंने मीडिया को विदेशों में रहने वाले नेपाली नागरिकों को वोट देने का अधिकार देने पर सत्तारूढ़ दलों के बीच एक आम सहमति के बारे में भी बताया। चुनाव अभियान के दौरान उनकी पार्टी द्वारा रखे गए कुछ एजेंडे में भ्रष्टाचार की जांच और सभी नेपालियों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना शामिल है।