फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal Politics: Trouble in ruling coalition, becoming difficult for pushpa kamal dahal to run the government

Nepal Politics: नेपाल के सत्ताधारी गठबंधन में खटपट, दहल के लिए मुश्किल हो रहा है सरकार चलाना

Fri, 27 Jan 2023 06:41 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 27 Jan 2023 06:41 PM IST
सार

Nepal Politics: गठबंधन सरकार का नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल कर रहे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) इस गठबंधन में सबसे बड़ा दल है...

विज्ञापन
Nepal Politics: Trouble in ruling coalition, becoming difficult for pushpa kamal dahal to run the government
Nepal Politics: Pushpa kamal dahal - फोटो : ट्विटर/ कॉमरेड प्रचंड (फाइल)

विस्तार

नेपाल में नई सरकार बने अभी एक महीना ही हुआ है कि सात दलों के सत्ताधारी गठबंधन में गंभीर उथल-पुथल शुरू हो गई है। गठबंधन में शामिल छोटे दल इस बात से नाराज हैं कि दोनों प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टियां उनकी अनदेखी कर आपसी राय-मशविरे से फैसले ले रही हैं। गठबंधन सरकार का नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल कर रहे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) इस गठबंधन में सबसे बड़ा दल है।

विज्ञापन

नाराजगी की वजह से कई दलों ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर रखा है। जबकि नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने नेशनल असेंबली की एक खाली सीट के लिए होने वाले चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारने का एलान कर दिया है। ये पार्टी भी दहल सरकार को समर्थन दे रहे सात दलों में शामिल है। नेशनल असेंबली नेपाल की संसद का ऊपरी सदन है। लुम्बिनी प्रांत से उसकी एक खाली सीट के लिए उप चुनाव अगले आठ फरवरी को होना है।

विज्ञापन

नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने अपने नेता राजेंद्र वीर राया ने इस उप चुनाव में उतारने की घोषणा कर दी है। जबकि यूएमएल ने यहां से कुमार दशहौदी को मैदान में उतारा है। विपक्षी नेपाली कांग्रेस भी यहां चुनाव लड़ रही है। नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के अध्यक्ष रंजीत श्रेष्ठ ने दो टूक कहा है कि वे किसी कीमत पर इस चुनाव क्षेत्र से अपना उम्मीदवार नहीं हटाएंगे। श्रेष्ठ ने कहा- ‘प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत पर मतदान के समय हमने पुष्प कमल दहल के पक्ष में मतदान किया था। लेकिन जब तक हमारे नेताओं को जेल से नहीं छोड़ा जाता है, हम सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे।’

विज्ञापन
विज्ञापन

नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने सुदूर पश्चिम प्रांत में किंगमेकर की भूमिका निभाई है। वहां की प्रांतीय अंसेबली में यह पार्टी सात सीटें जीतने में कामयाब रही थी। लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा है कि मुख्यमंत्री पद पर राजेंद्र रावल की नियुक्ति के लिए उनकी पार्टी ने जरूर अपना समर्थन दिया था, लेकिन अब वह उनके विश्वास मत के पक्ष में मतदान नहीं करेगी। पार्टी ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद के लिए हुए मतदान में सत्ताधारी गठबंधन का समर्थन किया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अपनी सरकार को खतरे में पड़ती देख मुख्यमंत्री रावल जल्दबाजी में काठमांडू आए। यहां उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन के बड़े नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के नेताओं से भी वे मिले। लेकिन इसके नेताओं ने साफ कर दिया कि जब तक पार्टी नेता रेशम लाल चौधरी को जेल से नहीं छोड़ा जाता, वे रावल सरकार के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। प्रांतीय असेंबली की बैठक इस बुधवार को बुलाई गई थी, लेकिन उसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।  

समझा जाता है कि जनमत पार्टी भी समस्याएं हैं। पार्टी के उपाध्यक्ष अब्दुल खान को पिछले 25 दिसंबर को मंत्री नियुक्त किया गया था। लेकिन उन्होंने 25 जनवरी को पद संभाला। बताया जाता है कि उन्हें उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय देने का वादा किया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री दहल ने उन्हें जल आपूर्ति मंत्रालय दिया। इसलिए उन्होंने एक महीने तक पद नहीं संभाला।

उपेंद्र यादव की जनता समाजवादी पार्टी दहल और ओली के एकतरफा ढंग से फैसले लेने पर खुलेआम एतराज जता चुकी है। पार्टी के प्रवक्ता मनीष सुमन ने अब मांग की है कि सात दलों को लेकर भरोसे में लेने के बाद ही शासन संबंधी को कोई निर्णय लिया जाना चाहिए। जनता समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि सभा में 12 सदस्य हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसने कहा है कि अगर उसे उप राष्ट्रपति का पद नहीं दिया गया, तो वह दहल सरकार में शामिल नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed