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Nepal Politics: सीट बंटवारे का मामला उलझा, नेपाल के सत्ताधारी गठबंधन के भविष्य पर उठे सवाल

Sat, 03 Sep 2022 03:27 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 03 Sep 2022 03:27 PM IST
सार

Nepal Politics: नेपाल में संघीय संसद और सात प्रांतीय विधायिकाओं के लिए आम चुनाव अगले 20 नवंबर को होगा। संघीय संसद की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों के लिए उस दिन वोट डाले जाएंगे। नेपाली कांग्रेस इनमें से कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है...

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Nepal Politics: Seat-sharing become major issue for Nepal ruling alliance
Nepal Politics: पुष्प कमल दहाल के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए अब यह सवाल उठाया जाने लगा है कि क्या पांच दलों का ये गठबंधन एकजुट रहते हुए अगले आम चुनाव में उतर पाएगा। गठबंधन में शामिल पार्टियां सीटों के लिए अपने दावे पर समझौता करने के मूड में नहीं दिख रही हैं। नेपाली कांग्रेस के नेता भी कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

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नेपाल में संघीय संसद और सात प्रांतीय विधायिकाओं के लिए आम चुनाव अगले 20 नवंबर को होगा। संघीय संसद की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों के लिए उस दिन वोट डाले जाएंगे। नेपाली कांग्रेस इनमें से कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। नेपाली कांग्रेस के मौजूदा और पूर्व पदाधिकारियों की पिछले बुधवार को बैठक हुई। उसमें भाग लेने वाले ज्यादातर नेताओं ने दो टूक कहा कि पार्टी को किसी भी सूरत में 100 सीटों कम पर राजी नहीं होना चाहिए।

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सत्ताधारी गठबंधन ने सीटों के बंटवारे पर फैसला करने के लिए एक टास्क फोर्स बनाया है। इस 11 सदस्यों वाले टाक्स फोर्स के अध्यक्ष नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्ण प्रसाद सितौला हैं। नेपाली मीडिया की रिपोर्टों में बताया गया है कि टास्क फोर्स 165 संसदीय और 330 प्रांतीय विधायिकाओं की सीटों के बंटवारे का कोई फॉर्मूला तैयार नहीं कर पा रहा है। अब जबकि नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने इस मामले में अपना रुख सख्त कर लिया है, समझा जाता है कि टास्क फोर्स का काम और मुश्किल हो गया है।

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टास्क फोर्स के सामने भी नेपाली कांग्रेस ने 100 सीटों की मांग रखी है। इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) ने 60 और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) ने 40 सीटों की मांग रखी थी। ताजा खबरों के मुताबिक यूनिफाइड सोशलिस्ट ने संकेत दिया है कि वह 25 सीटों पर राजी हो सकती है। जबकि जनता समाजवादी पार्टी ने यह साफ कहा है कि वह 16 सीटों से कम पर राजी नहीं होगी।

गठबंधन के अंदर पहले यह सहमति बनी थी कि संसदीय सीटों का जो बंटवारा होगा, उसी अनुपात में प्रांतीय सीटें भी पांचों दलों में बांटी जाएंगी। बताया जाता है कि टास्क फोर्स 2017 के आम चुनाव और बीते मई में हुए स्थानीय चुनावों में विभिन्न दलों को मिले वोट को आधार बना कर सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तैयार करने की कोशिश में है। लेकिन नेपाली कांग्रेस चाहती है कि इसके लिए सिर्फ मई के स्थानीय चुनावों को आधार बनाया जाए। इन चुनावों में नेपाली कांग्रेस सबसे बड़ा दल बन कर उभरी थी।

नेपाली कांग्रेस के कुछ नेता लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को भी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल करने की कोशिश में हैं। उन नेताओं ने कहा है कि इस पार्टी को भी कुछ सीटें देनी होंगी। उसे नेपाली कांग्रेस अपने कोटे से सीटें देगी। इसलिए भी नेपाली कांग्रेस को 100 सीटें मिलना जरूरी है। बताया जाता है कि पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा लचीला रुख अपनाने के पक्ष में हैं। लेकिन पार्टी के अंदर उनका विरोध धड़ा 100 से कम सीटों पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।

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