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नेपाल विमान हादसा: 'अगर मेरी बात मान लेती तो बच जाती उसकी जान', फ्लाइट अटेंडेंट के पिता ने बयां किया दर्द
Tue, 17 Jan 2023 01:00 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 17 Jan 2023 01:00 PM IST
सार
फ्लाइट अटेंडेंट ओशिन रविवार को इस वादे के साथ घर से निकली कि वह अपने परिवार के साथ माघ संक्रांति उत्सव मनाने के लिए काम के बाद पोखरा से वापस आएगी। हालांकि, जो लौटा वह उसका शव था।
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नेपाल विमान दुर्घटना
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नेपाल विमान हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवार का दर्द कम नहीं हो रहा है। चारों तरफ मातम पसरा हुआ है। इन सबके बीच एक ऐसा परिवार सामने आया है जिसकी बेटी भी इस दुर्घटना की शिकार हो गई थी। बात करते हैं एक पिता की जो कि सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवान रह चुके हैं। इस पिता ने अपनी 24 वर्षीय बेटी ओशिन को खोने का दर्द बयां किया है। पिता मोहन अले की बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
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काश मेरी बात मान लेती तो आज जिंदा होती: फ्लाइट अटेंडेंट के पिता
जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट के पिता मोहन अले मागर ने कहा कि मैंने सुबह-सुबह उसे एक विशेष दिन (मकर संक्रांति) पर काम पर जाने से मना किया था लेकिन वह मेरी बात नहीं मानी। मेरी बेटी ओशिन (24) रविवार को इस वादे के साथ घर से निकली कि वह अपने परिवार के साथ माघ संक्रांति त्योहार मनाने के लिए काम के बाद पोखरा से वापस आएगी। वह तो नहीं लौटी लेकिन उसका शव घर पहुंचा। ओशिन ने भारत में ही फ्लाइट अटेंडेंट की पढ़ाई की थी। ओशिन उन 69 लोगों में शामिल थीं, जिनकी रविवार को मध्य नेपाल के रिसॉर्ट शहर पोखरा में सेती नदी के तट पर पांच भारतीयों सहित 72 लोगों के साथ यति एयरलाइंस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई थी।
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परिवार कर रहा था त्योहार मनाने की तैयारी
उनका परिवार घर पर त्योहार मनाने की तैयारी कर रहा था जब उन्हें विमान दुर्घटना की खबर मिली। मोहन ने नेपाल के दैनिक अखबार रिपब्लिका अखबार को फोन पर बताया कि उस दिन दो उड़ानें पूरी करने के बाद उन्होंने त्योहार मनाने पर जोर दिया।
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शादी शुदा थी ओशिन, पति ब्रिटेन में रहते हैं
ओशिन यति एयरलाइंस के साथ दो साल से काम कर रही थीं। मूल रूप से चितवन के माडी की रहने वाली वह नौकरी शुरू करने के बाद काठमांडू में रह रही थी और उसने अपने माता-पिता को पिछले छह महीने से राजधानी में रहने के लिए आमंत्रित भी किया था। ओशिन की दो साल पहले पोखरा में शादी हुई थी और उनके पति फिलहाल ब्रिटेन में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके पिता मोहन और मां सबनाम अले मागर शव की शिनाख्त के लिए पोखरा पहुंचे थे।