फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal is becoming dependent on the income coming from outside!

Nepal: बाहर से आने वाली कमाई पर ही निर्भर होता जा रहा है नेपाल!

Thu, 13 Jul 2023 03:32 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 13 Jul 2023 03:32 PM IST
सार

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में नेपाल सरकार ने तकरीबन सात लाख 20 हजार नौजवानों को विदेश जाकर काम करने का परमिट दिया। इस वजह से बाहर से होने वाली आमदनी बढ़ी है...

विज्ञापन
Nepal is becoming dependent on the income coming from outside!
Kathmandu Market - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

नेपाल में रोजगार के घटे अवसरों के कारण देश के नौजवान विदेशों में जाकर काम ढूंढने के लिए अधिक मजबूर होते जा रहे हैं। लेकिन इससे नेपाल सरकार के खजाने को राहत मिली है। विदेश में काम करने वाले नेपालियों द्वारा देश भेजी जाने वाली कमाई की रकम लगातार बढ़ रही है। नेपाल राष्ट्र बैंक (नेपाल के सेंट्रल बैंक) से मिली जानकारी से इस बात की पुष्टि हुई है।

विज्ञापन

इस वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में इस रूप में एक खरब 11 अरब (नेपाली) रुपये के बराबर की विदेशी मुद्रा देश में आई। नेपाल में वित्त वर्ष 15 जुलाई से शुरू होता है। इसलिए यह आंकड़ा पिछले 15 जून तक का है। नेपाल राष्ट्र बैंक के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों की तुलना में इस बार आई रकम 22.7 फीसदी अधिक है। इस तरह इस स्रोत प्राप्त विदेशी मुद्रा में भारी उछाल आया है।

विज्ञापन

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में नेपाल सरकार ने तकरीबन सात लाख 20 हजार नौजवानों को विदेश जाकर काम करने का परमिट दिया। इस वजह से बाहर से होने वाली आमदनी बढ़ी है। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुणाकर भट्ट के मुताबिक विदेशों से होने वाली इस आमदनी के कारण नेपाल का विदेशी मुद्रा संकट कुछ कम हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नेपाल के विदेश रोजगार विभाग के मुताबिक विदेशों में जाकर काम करने वाले नेपालियों की संख्या में 2000 के बाद से तेजी से बढ़ी। उस समय नेपाल माओवादी विद्रोह के कारण भीषण गृह युद्ध में फंसा हुआ था। इस कारण देश में रोजगार के अवसर सिकुड़ गए थे। वित्त वर्ष 2000-01 में 55 हजार से ज्यादा नेपाली नौजवान काम करने बाहर गए, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। उसके बाद से यह संख्या बढ़ती चली गई है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गुजरे दो दशकों में बाहर से आने वाली कमाई की रकम में 25 गुना बढ़ोतरी हुई है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक विदेशों से आने वाली कमाई अब नेपाल की अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखा बन गई है। इससे हजारों नेपाली परिवारों का जीवन स्तर सुधरा है। इस वजह से नेपाल में स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास संबंधी सूचकांकों में सुधार हुआ है। गुणाकर भट्ट ने कहा- ‘बाहर से नेपाली जो रकम कमा कर भेजते हैं, उसका लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। इससे नेपालियों का जीवन स्तर सुधरा है।’

कई अध्ययनों का यह निष्कर्ष है कि किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद में अगर विदेशों से आने वाली कमाई का हिस्सा 10 फीसदी बढ़ता है, तो वहां गरीबों की संख्या में 1.6 फीसदी की कमी आती है। नेपाल में 2010 में 25.2 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे थी। 2019 में यह संख्या 16.6 फीसदी तक आ गिरी थी।

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अपनी श्रम शक्ति को विदेश जाने देना स्वस्थ नीति नहीं है। इससे देश हमेशा बाहरी कमाई पर निर्भर बना रहेगा, जबकि किसी देश की स्थायी खुशहाली वहां हुए आर्थिक विकास से तय होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed