आर्थिक मदद की दरकार: भारत और चीन के बीच बढ़ती होड़ से नेपाल की हो रही है चांदी!
विदेश मंत्री नारायण खड़का ने कहा- ‘पिछले कई दशकों में चीन की आर्थिक और तकनीकी प्रगति चौंकाने वाली रही है। उधर भारत भी विशाल आर्थिक ताकत है और उसने प्रभावशाली उन्नति की है। हम इन दोनों देशों के साथ गहरे आर्थिक संबंधों का लाभ अपनी समृद्धि और आर्थिक विकास के लिए उठा रहे हैं।’
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भारत और चीन के बीच जारी होड़ का नेपाल को पूरा फायदा मिल रहा है। ये बात नेपाल सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने भी स्वीकार की है। नेपाल फिलहाल तेजी से बढ़ रही महंगाई और विदेशी मुद्रा की कमी से परेशान है। लेकिन भारत और चीन के बीच जारी प्रतिद्वंद्विता से उसे राहत की उम्मीद बंधी है।
चीन की आर्थिक और तकनीकी प्रगति चौंकाने वाली
नेपाल के वित्त मंत्री जनार्दन शर्मा ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम को दिए एक इंटरव्यू में कहा- ‘दक्षिण एशिया में स्थिरता और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए चीन और भारत के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जारी रहनी चाहिए।’ उधर विदेश मंत्री नारायण खड़का ने इसी वेबसाइट से कहा- ‘पिछले कई दशकों में चीन की आर्थिक और तकनीकी प्रगति चौंकाने वाली रही है। उधर भारत भी विशाल आर्थिक ताकत है और उसने प्रभावशाली उन्नति की है। हम इन दोनों देशों के साथ गहरे आर्थिक संबंधों का लाभ अपनी समृद्धि और आर्थिक विकास के लिए उठा रहे हैं।’
फिलहाल नेपाल को आर्थिक मदद की जरूरत है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ऊर्जा आयात पर बढ़े खर्च के कारण नेपाल का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। साथ ही महंगाई भी बढ़ी है। वित्त मंत्री शर्मा ने इस बात को स्वीकार किया। उन्होंने कहा- ‘हम आयात आधारित देश हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध का देश के पेट्रोलियम सेक्टर पर सीधा असर पड़ा है। हम इन्हीं देशों से पेट्रोलियम खरीदते हैं, इसलिए हम पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा।’
नेपाल की करीब तीन करोड़ आबादी का बड़ा हिस्सा खेती और पर्यटन उद्योग पर निर्भर करता है। कोरोना महामारी आने के बाद से पर्यटन उद्योग मुश्किल में रहा है। ऊपर से यूक्रेन युद्ध के नतीजे देश को झेलने पड़ रहे हैं। बीते मार्च में नेपाल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 7.14 फीसदी की वृद्धि हुई। जबकि बीते सात महीनों में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 17 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त मंत्री शर्मा ने बताया कि पिछले सितंबर में देश में बाढ़ आई थी, जिसका खेती पर खराब असर हुआ।
भारत को बिजली बेच रहा नेपाल
इन हालात के बीच नेपाल भारत को बिजली बेच कर राहत पाने की कोशिश कर रहा है। शर्मा ने बताया कि इस बारे में भारत से बातचीत चल रही है। इसके अलावा वह जापान से भी पूंजी निवेश और तकनीकी सहायता की उम्मीद जोड़े हुए है। शर्मा ने कहा- नेपाल को विदेशी कंपनियों से मदद की जरूरत है, ताकि हवाई अड्डों जैसे टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सके।
हाल में ये चर्चा रही है कि चीन और नेपाल के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। इसकी एक वजह मौजूदा नेपाल सरकार की भारत के साथ बढ़ रही नजदीकी को बताया गया है। लेकिन विदेश मंत्री खड़का ने निक्कई एशिया से बातचीत में इस बात का खंडन किया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के रिश्तों में तनाव का कुछ असर नेपाल पर भी पड़ता है, लेकिन मोटे तौर पर नेपाल के किसी भी देश के साथ संबंध खराब नहीं हुए हैं।
खड़का ने भारत और चीन को सलाह दी कि वे आपसी बातचीत से सारे मसले हल करें। उन्होंने कहा- ‘यह एक वैश्वीकृत दुनिया है, जिसमें सारा ध्यान अब एशिया पर केंद्रित हो गया है। इसलिए दक्षिण एशिया में जो भी होगा, उसका असर अंतररराष्ट्रीय समाज पर पड़ेगा।’