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Nepal Army: नेपाल में बिगड़ते हालातों के बीच हुई सेना की एंट्री, लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील

Tue, 09 Sep 2025 06:48 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 09 Sep 2025 06:48 PM IST
सार

नेपाल में युवा आंदोलन के बीच हिंसा तेज हो गई है। संसद, सुप्रीम कोर्ट और नेताओं के घरों में आगजनी के बाद नेपाल आर्मी ने लोगों से शांत रहने और राष्ट्रीय धरोहरों की रक्षा की अपील की। सेना ने कहा कि वह नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हालात बिगड़ने पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया।

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Nepal Army says among deteriorating situation appealed to people for maintain peace save national Heritage
नेपाल सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल - फोटो : एजेंसी

विस्तार

नेपाल में आंदोलन की आड़ में बढ़ती हिंसा और तोड़फोड़ के बीच नेपाल आर्मी ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सेना ने साफ किया कि वह देश की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगी। आर्मी ने प्रदर्शनकारियों से राष्ट्रीय धरोहरों, सांस्कृतिक स्थलों और नागरिक संपत्तियों को नुकसान न पहुंचाने की गुजारिश की।
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नेपाल में प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार को उग्र भीड़ ने संसद, सिंह दरबार परिसर, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के कार्यालय और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आगजनी की। हालात इतने बिगड़े कि सुरक्षा बलों को भारी संख्या में तैनात करना पड़ा।
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सेना की चेतावनी और जिम्मेदारी
नेपाल आर्मी ने बयान जारी कर कहा कि यह हर नेपाली नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा करे। सेना ने यह भी जोड़ा कि वह हर हाल में नागरिकों की सुरक्षा और जीवन की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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राष्ट्रपति पौडेल की शांति और संवाद की अपील
नेपाल में आंदोलन के चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को पुलिस कार्रवाई में 19 लोगों की मौत के बाद मंगलवार को प्रदर्शन और उग्र हो गए। सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के दफ्तर में घुस गए, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों, यहां तक कि राष्ट्रपति कार्यालय को भी नुकसान पहुंचाया और आगजनी की।

इस बीच, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी दलों और आंदोलनकारियों से संयम बरतने और संवाद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है और लोकतंत्र व जनता की रक्षा के लिए सभी पक्षों का सहयोग जरूरी है। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि मौजूदा गतिरोध को बातचीत और सहयोग से ही खत्म किया जा सकता है, ताकि नेपाल शांति और स्थिरता की ओर बढ़ सके।


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ओली का इस्तीफा और राजनीतिक संकट
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला तब लिया गया जब प्रदर्शनकारी उनके दफ्तर में घुस गए और इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। सोमवार को पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद गुस्सा और भड़क गया।

आंदोलन के तहत हजारों युवा सड़कों पर उतर चुके हैं। वे सरकार पर भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओली सरकार ने उनकी आवाज दबाने के लिए घातक बल का इस्तेमाल किया, जिसकी कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

 

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