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NASA: अभी और दिन अंतरिक्ष में ही बिताएंगी सुनीता विलियम्स, नासा मिशन की अवधि 90 दिन करने पर कर रहा विचार
Sat, 29 Jun 2024 12:13 PM IST
मेघा झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 29 Jun 2024 12:13 PM IST
सार
अंतरिक्ष में गए भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और उनके अन्य साथी कुछ और दिन अंतरिक्ष में ही बिताएंगे। नासा मिशन की अवधि 90 दिन करने पर विचार कर रहा है।
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अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
नासा के दो अंतरिक्ष यात्री को लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़ सकता है, क्योंकि नासा इस मिशन की समय सीमा बढ़ाने पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नासा के वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम प्रबंधक स्टीव स्टिच ने बताया कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी स्टारलाइनर के मिशन की अवधि 45 दिनों से बढ़ाकर 90 दिन पर विचार किया जा रहा है।
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में फंसे हैं। बोइंग का सीएसटी-100 स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट 15 दिन से अंतरिक्ष में अटका है। दोनों 5 जून को स्टारलाइनर के साथ परीक्षण उड़ान के लिए अंतरिक्ष स्टेशन तक गए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें स्टारलाइनर के साथ 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन विमान में गड़गड़ी के कारण उनकी वापसी नहीं हो पाई है।
नासा के अधिकारियों ने कई बार यह संकेत दिया कि स्टारलाइनर, जो कि जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर गया था, उसने हीलियम लीक और थ्रस्टर आउटेज की समस्याओं का सामना किया था। यह दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को घर लाने के लिए सुरक्षित होाग। शुक्रवार को नासा के अधिकारियों ने कहा कि हम केवल न्यू मैक्सिको के परीक्षण निष्पादित करने की समयसीमा देख रहे हैं, और फिर डाटा की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि नासा न्यू मैक्सिको में आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि स्टारलाइनर के कुछ थ्रस्टर्स अपनी यात्रा के पहले चरण के दौरान अप्रत्याशित रूप से विफल क्यों हुए?
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बोइंग के लिए वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम के उपाध्यक्ष और कार्यक्रम प्रबंधक स्टिच और मार्क नैपी ने कहा कि इंजीनियर अभी भी स्टारलाइनर की समस्यों के पीछे के कारण के बारे में निश्चित नहीं हैं। नैपी ने कहा कि उद्देश्य का एक हिस्सा वाहन के अंतरिक्ष में रहते हुए ग्राउंड टेस्ट आयोजित करना है। ताकि थ्रस्टर्स में खराबी के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।
वहीं सुनीता विलियम्स और विल्मोर वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद बाकी क्रू के साथ एकीकृत हो गए हैं, और काम कर रहे हैं। बता दें कि जब यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर जा रहा था, तब हीलियम लीक की पहचान की गई थी, साथ ही थ्रस्टर की समस्याएं भी थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टारलाइनर का सर्विस मॉड्यूल, अंतरिक्ष यान के निचले भाग में एक बेलनाकार लगाव है, जो उड़ान के दौरान वाहन की अधिकांश शक्ति प्रदान करता है। इसको यहां कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
वैसे डिजाइन के अुनसार सर्विस मॉड्यूल पृथ्वी पर लौटने के बाद जीवित नहीं रहेगा। स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के वायुमंडल में प्रवेश करते ही मॉड्यूल को फेंक दिया जाता है और नष्ट कर दिया जाता है। यही कारण है कि बोइंग और नासा की टीमों ने तब स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन के साथ सुरक्षित रूप से डॉक का विकल्प चुना। जबकि वे उन मुद्दों के बारे में अधिक से अधिक जानने के लिए काम करते रहे।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नासा मिशन की अवधि को 90 दिनों तक बढ़ाएगा या नहीं। शुक्रवार को स्टारलाइनर के कमांडर और पायलट, बुच विल्मोर और किबो में सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष वनस्पति विज्ञान का काम किया। उन्होंने किबो के एक्सप्रैस रैक से प्लांटर हैबिटेट ग्रोथ चैंबर को हटा दिया, इसके कैमरे और कॉर्बन डाइऑक्साइड सेंसर को बदल दिया, फिर शोध उपकरण को फिर से स्थापित किया।
नासा ने लाइव ब्लॉग में कहा कि नासा और बोइंग ऑर्बिटिंग लैब से पृथ्वी पर लौटने से पहले स्टारलाइनर के प्रणोदन प्रणाली के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना जारी रखते हैं। नासा और बोइंग के नेताओं ने स्टारलाइनर और स्टेशन संचालन पर चर्चा करेन के लिए एक मीडिया टेलीकांफ्रेंस में भाग लिया।
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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में फंसे हैं। बोइंग का सीएसटी-100 स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट 15 दिन से अंतरिक्ष में अटका है। दोनों 5 जून को स्टारलाइनर के साथ परीक्षण उड़ान के लिए अंतरिक्ष स्टेशन तक गए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें स्टारलाइनर के साथ 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन विमान में गड़गड़ी के कारण उनकी वापसी नहीं हो पाई है।
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नासा के अधिकारियों ने कई बार यह संकेत दिया कि स्टारलाइनर, जो कि जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर गया था, उसने हीलियम लीक और थ्रस्टर आउटेज की समस्याओं का सामना किया था। यह दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को घर लाने के लिए सुरक्षित होाग। शुक्रवार को नासा के अधिकारियों ने कहा कि हम केवल न्यू मैक्सिको के परीक्षण निष्पादित करने की समयसीमा देख रहे हैं, और फिर डाटा की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि नासा न्यू मैक्सिको में आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि स्टारलाइनर के कुछ थ्रस्टर्स अपनी यात्रा के पहले चरण के दौरान अप्रत्याशित रूप से विफल क्यों हुए?
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बोइंग के लिए वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम के उपाध्यक्ष और कार्यक्रम प्रबंधक स्टिच और मार्क नैपी ने कहा कि इंजीनियर अभी भी स्टारलाइनर की समस्यों के पीछे के कारण के बारे में निश्चित नहीं हैं। नैपी ने कहा कि उद्देश्य का एक हिस्सा वाहन के अंतरिक्ष में रहते हुए ग्राउंड टेस्ट आयोजित करना है। ताकि थ्रस्टर्स में खराबी के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।
वहीं सुनीता विलियम्स और विल्मोर वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद बाकी क्रू के साथ एकीकृत हो गए हैं, और काम कर रहे हैं। बता दें कि जब यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर जा रहा था, तब हीलियम लीक की पहचान की गई थी, साथ ही थ्रस्टर की समस्याएं भी थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टारलाइनर का सर्विस मॉड्यूल, अंतरिक्ष यान के निचले भाग में एक बेलनाकार लगाव है, जो उड़ान के दौरान वाहन की अधिकांश शक्ति प्रदान करता है। इसको यहां कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
वैसे डिजाइन के अुनसार सर्विस मॉड्यूल पृथ्वी पर लौटने के बाद जीवित नहीं रहेगा। स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के वायुमंडल में प्रवेश करते ही मॉड्यूल को फेंक दिया जाता है और नष्ट कर दिया जाता है। यही कारण है कि बोइंग और नासा की टीमों ने तब स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन के साथ सुरक्षित रूप से डॉक का विकल्प चुना। जबकि वे उन मुद्दों के बारे में अधिक से अधिक जानने के लिए काम करते रहे।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नासा मिशन की अवधि को 90 दिनों तक बढ़ाएगा या नहीं। शुक्रवार को स्टारलाइनर के कमांडर और पायलट, बुच विल्मोर और किबो में सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष वनस्पति विज्ञान का काम किया। उन्होंने किबो के एक्सप्रैस रैक से प्लांटर हैबिटेट ग्रोथ चैंबर को हटा दिया, इसके कैमरे और कॉर्बन डाइऑक्साइड सेंसर को बदल दिया, फिर शोध उपकरण को फिर से स्थापित किया।
नासा ने लाइव ब्लॉग में कहा कि नासा और बोइंग ऑर्बिटिंग लैब से पृथ्वी पर लौटने से पहले स्टारलाइनर के प्रणोदन प्रणाली के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना जारी रखते हैं। नासा और बोइंग के नेताओं ने स्टारलाइनर और स्टेशन संचालन पर चर्चा करेन के लिए एक मीडिया टेलीकांफ्रेंस में भाग लिया।