मंगल ग्रह पर 'इंद्रधनुष': नासा के पर्सिवियरेंस रोवर द्वारा खींची तस्वीर हो रही वायरल, जानें क्या है इसका सच
- पर्सिवियरेंस रोवर द्वारा खींची फोटो को नासा ने किया पोस्ट, वायरल हुई तस्वीर
- कई लोगों ने पूछा- क्या ये लाल ग्रह (Red Planet) पर इंद्रधनुष दिखाई दे रहा है
विस्तार
मंगल ग्रह पर भेजे गए नासा के मार्स पर्सिवियरेंस रोवर ने वहां की एक गजब तस्वीर खींची है। इस तस्वीर में मंगल ग्रह के आसमान में इंद्रधनुष बना दिखाई दे रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी रोवर ने धरती से इतनी दूरी पर कुछ कैमरे में कैद किया है।
पर्सिवियरेंस रोवर द्वारा खींची फोटो को जब नासा ने पोस्ट किया तो यह तस्वीर वायरल हो गई। लोग पूछने लगें- क्या मंगल ग्रह पर इंद्रधनुष दिखाई दिया? इस बात की जानकारी नासा ने ट्विटर पर दी है। नासा ने बताया कि बहुत लोगों इसे देख पूछ रहे हैं कि क्या ये लाल ग्रह (Red Planet) पर इंद्रधनुष दिखाई दे रहा है। जवाब में नासा ने कहा, नहीं... यह इंद्रधनुष नहीं है। नासा के मुताबिक, मंगल ग्रह पर इंद्रधनुष हो ही नहीं सकता।
नासा ने बताया कि इंद्रधनुष रोशनी के परावर्तन और पानी की छोटी-छोटी बूंदों से बनता है, लेकिन, मंगल ग्रह पर न तो इतना पानी है और यहां पर वातावरण में तरल पानी के लिहाज से यहां काफी ठंडा है। नासा ने कहा, कि मंगल ग्रह के आसमान में दिखाई देने वाली ये इंद्रधनुषी छटा दरअसल, रोवर के कैमरे में लगे लैंस की एक रोशनी है।
Many have asked: Is that a rainbow on Mars? No. Rainbows aren't possible here. Rainbows are created by light reflected off of round water droplets, but there isn't enough water here to condense, and it’s too cold for liquid water in the atmosphere. This arc is a lens flare. pic.twitter.com/mIoSSuilJW— NASA's Perseverance Mars Rover (@NASAPersevere) April 6, 2021
बता दें कि नासा का वातावरण काफी सूखा है, जहां वातावरण में करीब 95 फीसदी तक टॉक्सिक कार्बनडाईऑक्साइड मौजूद है। इसके अलावा चार फीसदी में नाइट्रोजन और ऑर्गन है और एक फीसदी ऑक्सीजन और वाटर वेपर है। इस तरह से रासायनिक और भौतिक रूप से मंगल ग्रह धरती से काफी अलग है।
नासा के मार्स रोवर द्वारा ली गई इस तस्वीर की बात करें, तो यह 18 फरवरी को तब ली गई थी जब रोवर ने मंगल ग्रह की सतह को छुआ था। इस बात की जानकारी नासा की तरफ से एक बयान जारी कर दी गई है। गौरतलब है कि नासा का पर्सिवियरेंस रोवर फरवरी में लाल ग्रह के जेजीरो क्रेटर में उतरा था। इसका काम यहां जीवन की तलाश करना है। मंगल ग्रह पर भेजा गया नासा का ये पांचवां रोवर है।