एससीओ समिट : बिश्केक में आतंक के खिलाफ भारत की बात पर मुहर, आतंक पर पाक को घेरा
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बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को आये घोषणा पत्र में आतंक के खिलाफ भारत की बात पर सभी सदस्य देशों ने मुहर लगा दी। चीन-रूस सहित आठ सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आतंक का पोषण करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने पर सहमति जताई। इससे पहले मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंक को शह देने वाले ‘नापाक’ देशों को अलग-थलग करना होगा।
मोदी ने पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की मौजूदगी में कहा, जो देश आतंकवाद का पोषण कर रहे हैं उन्हें अपनी संकीर्ण मानसिकता बदलनी होगी। मोदी ने अप्रत्यक्ष तौर पर चीन पर निशाना साधते हुए कहा, दहशतगर्दी को संरक्षण देने वालों का साथ देना भी आतंक को बढ़ावा देने जैसा ही है। सदस्य देशों ने घोषणा पत्र में कहा कि आतंकवाद और किसी भी तरह के चरमपंथ को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हर तरह के आतंक की निंदा की जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद और उसके संरक्षकों के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाना होगा।
इमरान की ओर देखा तक नहीं
बिश्केक सम्मेलन के दौरान दो दिन में दो मौके ऐसे आए जब मोदी इमरान के सामने आये लेकिन उन्होंने इमरान की ओर देखा तक नहीं। भारत ने जनवरी 2016 में पठानकोट में सेना पर हमले के बाद से ही पाक को चेतावनी दी है कि वह पहले अपनी जमीन से आतंक का सफाया करे तब ही कोई बात होगी। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानाें के काफिले पर हमले से यह तनाव और बढ़ गया।
‘हेल्थ’ से सुख और समृद्धि का मंत्र
मोदी ने ‘हेल्थ’ के जरिए सुख-समृद्धि का भी मंत्र दिया। मोदी ने अंग्रेजी शब्द ‘हेल्थ’ के ‘एच’ से हेल्थ केयर, ‘ई’ से इकॉनोमी, ‘ए’ से वैकल्पिक ऊर्जा, ‘एल’ से साहित्य-संस्कृति, ‘टी’ से टेरर मुक्त समाज और ‘एच’ से मानवता में सहयोग के जरिये सभी सदस्य देशों से सुख और समृद्धि की राह अपनाने का आह्वान किया।
घोषणा पत्र में यह खास
- सीमापार से बढ़ रहे आतंक के खतरे को थामना होगा।
- इंटरनेट पर आतंकी प्रवृत्ति और चरमपंथी विचारधारा का प्रसार रोकना जरूरी।
- सामूहिक विनाश के हथियारों की खरीद पर लगाम लगे।
- किसी देश के हथियार बढ़ाने के खिलाफ आवाज उठाना।
- आतंक के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के नियमों का सख्ती से पालन।
- आतंकरोधी कानून को बिना राजनीतिक हित के लागू करना।
निचले स्तर पर भारत-पाक के रिश्ते, मोदी से है उम्मीद: इमरान खान
इमरान खान ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के साथ एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) को बातचीत के माध्यम से शांति और अपने मतभेदों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश चाहे तो कश्मीर जैसे मुद्दों का भी हल बातचीत के जरिए किया जा सकता है।
इमरान खान ने माना कि दुर्भाग्य से उन्हें अब तक भारत से ज्यादा सफलता नहीं मिली है। लेकिन उम्मीद है कि वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी के पास एक बड़ा जनादेश है, हम आशा करते हैं कि वह इस जनादेश का उपयोग बेहतर संबंध विकसित करने और उपमहाद्वीप में शांति लाने के लिए करेंगे। दरअसल, इस साल फरवरी में कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद इमरान खान और मोदी ने एक दूसरे को ट्वीट किया। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने पीएम मोदी की जीत के बाद बधाई संदेश भी भेजा। खान ने कहा कि पाकिस्तान ने अप्रैल-मई में भारत के चुनावों से पहले ही रिश्तों को सुधारने की कोशिश की थी, लेकिन चुनावी अभियान के दौरान इसे प्रमुखता से नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो जाने के बाद पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि भारतीय नेतृत्व इस अवसर का लाभ उठाएगा जो पाकिस्तान पेश कर रहा है कि बातचीत के माध्यम से हमारे सभी मतभेदों को हल करें।
खान ने कहा कि दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश सैन्य साधनों के माध्यम से मतभेदों को हल करने के बारे में नहीं सोच सकते। यह पागलपन है। इसलिए हमें उम्मीद है कि अब हम अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत का इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति से की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद् के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक से पहले ‘अला अरचा प्रेजीडेंशियल पैलेस’ पहुंचे जहां किर्गिस्तान के राष्ट्रपति ने उनका स्वागत किया।
President Sooronbay Jeenbekov of #Kyrgyz Republic, current Chair of #SCOSummit2019 warmly welcomed PM @narendramodi as he arrived at the Ala Archa Presidential Palace ahead of the SCO Council of Heads of State Meeting today morning. #SCOSummit2019 #IndiaInSCO @IndiaInKyrgy pic.twitter.com/HK4pf12ViR
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) June 14, 2019
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह एससीओ परिषद् के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक से पहले अला अरचा प्रेंजीडेंशियल पैलेस पहुंचे, जहां किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति एवं एससीओ शिखर सम्मेलन 2019 के मौजूदा अध्यक्ष सूरोनबे जीनबेकोव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।'