फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Narendra Modi and Nawaj Sharif reaches Astana, India-Pak will join SCO during SCO summit

अस्ताना पहुंचे मोदी और शरीफ के बीच हो सकती है मुलाकात

Thu, 08 Jun 2017 09:29 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Thu, 08 Jun 2017 09:29 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi and Nawaj Sharif reaches Astana, India-Pak will join SCO during SCO summit
नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ पहुंचे अस्ताना, SCO में शामिल होंगे भारत-पाक - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिनी यात्रा पर कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे। वे यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में मौजूद रहेंगे। वर्ष 2001 में शुरू हुए एससीओ के विस्तार कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को भारत और पाकिस्तान पहली बार इसके पूर्णकालिक सदस्य बन जाएंगे। 
विज्ञापन


चीन के प्रभाव वाले इस समूह में भारत के प्रवेश को मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इससे अखिल-एशियाई पहचान के साथ-साथ क्षेत्रीय भू-राजनीति और व्यापार वार्ता में समूह का महत्व बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें भारत के शामिल होने से बीजिंग का समूह पर पड़ने वाला बहुत अधिक प्रभाव कम भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को एससीओ शिखर बैठक को संबोधित करेंगे। यहां भारत और चीन के बीच चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपेक) तथा एनएसजी समेत कई मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद मोदी की राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात हो सकती है। जिनपिंग यहां बुधवार को ही पहुंच चुके हैं जबकि मोदी आज ही अस्ताना पहुंचे हैं।
विज्ञापन


यदि कजाकिस्तान में मोदी और जिनपिंग की मुलाकात होती है तो यह बीजिंग में 29 देशों के सिल्क रोड सम्मेलन का भारत द्वारा बायकॉट करने के बाद भारत-चीन के बीच पहली बैठक होगी। चीन की वन बेल्ट, वन रोड परियोजना के तहत चीन-पाक आर्थिक गलियारे के पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने के प्रति भारत अपनी चिंता जाहिर करते हुए शिखर सम्मेलन से बचता रहा है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में होने वाले इस सम्मेलन के दौरान भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच मोदी और पाक पीएम नवाज शरीफ की मुलाकात को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। यद्यपि भारत कह चुका है कि न तो पाकिस्तान से इस मुलाकात के लिए कोई पहल की गई है और न ही भारत की तरफ से इस मुलाकात का कोई प्रस्ताव है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत-पाक से बढ़ेगी एससीओ की ताकत : महासचिव

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के महासचिव रशीद अलीमोव ने कहा कि संगठन में भारत और पाकिस्तान के प्रवेश से चुनौतियों का सामना करने और इस क्षेत्र में व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि एससीओ में भारत और पाकिस्तान को शामिल करने का मतलब 1.45 अरब लोगों को शामिल करना होगा जो समूह की आबादी को लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक आबादी उपलब्ध कराएगा।

जून 2016 से शुरू हुई थी पूर्णकालिक सदस्यता की प्रक्रिया

शुक्रवार को भारत और पाकिस्तान को एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिल जाएगी। लेकिन इसकी प्रक्रिया पिछले साल जून में शुरू हो गई थी। दोनों देशों ने इसके लिए मेमोरंडम ऑफ ऑब्लिगेशन पर दस्तखत किए हैं। इसमें सभी सदस्य देशों के आपसी सहयोग की बड़ी शर्त भी शामिल है। हालांकि यह शर्त दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बाध्यकारी नहीं है। 


क्या है एससीओ

शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के छह सदस्य देशों में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इस संगठन का मुख्यालय बीजिंग में है। हाल ही में मोदी के रूस समेत चार देशों के दौरे पर रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भारत की एससीओ में पूर्णकालिक सदस्यता को लेकर भरोसा दिया था।





विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed