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North Korea: उ. कोरिया बढ़ाएगा परमाणु हथियारों का जखीरा, 2023 के पहले दिन ही किम जोंग ने किया मिसाइल परीक्षण
Mon, 02 Jan 2023 04:58 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगपयांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगपयांग
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 02 Jan 2023 04:58 AM IST
सार
नए साल की शुरुआत पर मिसाइल परीक्षण के बाद तानाशाह ने उत्तर कोरिया के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 में उत्तर कोरिया तेजी से अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का आकार बढ़ाएगा।
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किम जोंग उन
- फोटो : Social Media
विस्तार
उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन की सनक 2022 में जहां खत्म हुई, नए साल में वहीं से उसकी फिर शुरुआत हुई। 2023 के पहले दिन ही किम जोंग ने बैलिस्टिक मिसाइल धमाका किया। 2022 के आखिर दिन भी उत्तर कोरिया ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार बनाने का लक्ष्य
नए साल की शुरुआत पर मिसाइल परीक्षण के बाद तानाशाह ने उत्तर कोरिया के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 में उत्तर कोरिया तेजी से अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का आकार बढ़ाएगा। किम ने कहा कि उसका लक्ष्य उत्तर कोरिया में दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार बनाना है। उसने अपने वैज्ञानिकों को जल्द से जल्द अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) विकसित करने का आदेश दिया है।
दक्षिण कोरियाई सेना और जापानी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने मध्य क्षेत्र से मिसाइल दागी और यह करीब 400 किमी की उड़ान के बाद कोरियाई प्रायद्वीप व जापानी जल क्षेत्र के बीच गिरी। जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 2022 में उत्तर कोरिया ने 70 से ज्यादा मिसाइलों का परीक्षण किया, जिनमें 25 से ज्यादा मिसाइलें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से प्रतिबंधित श्रेणी की आईसीबीएम थीं। एजेंसी
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दक्षिण कोरिया और जापान चिंतित
चीन और उत्तर कोरिया की तरफ से बढ़ते खतरों को मद्देनजर रखते हुए दक्षिण कोरिया और जापान ने पिछले साल अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के कई कदम उठाए गए। जहां एक तरफ जापान ने 320 अरब डॉलर की योजना तैयार की है, जिससे वह अपने आत्मरक्षा बलों को दक्ष और सक्षम बनाएगा, वहीं दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया की हरकतों पर नजर रखने के लिए एडवांस ड्रोन फोर्स तैयार करने का एलान किया है। इसके लिए उत्तर कोरिया अपनी सेना को स्टील्थ ड्रोन देगा, जो उत्तर कोरिया में बिना अपनी मौजूदगी बताए जासूसी कर पाएंगे।
उत्तर कोरिया और जापान ने अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद में उठाते हुए अनुरोध भी किया था कि उ. कोरिया को भड़काऊ व प्रतिबंधित मिसाइल परीक्षण करने से रोका जाए, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।
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दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार बनाने का लक्ष्य
नए साल की शुरुआत पर मिसाइल परीक्षण के बाद तानाशाह ने उत्तर कोरिया के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 में उत्तर कोरिया तेजी से अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का आकार बढ़ाएगा। किम ने कहा कि उसका लक्ष्य उत्तर कोरिया में दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार बनाना है। उसने अपने वैज्ञानिकों को जल्द से जल्द अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) विकसित करने का आदेश दिया है।
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दक्षिण कोरियाई सेना और जापानी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने मध्य क्षेत्र से मिसाइल दागी और यह करीब 400 किमी की उड़ान के बाद कोरियाई प्रायद्वीप व जापानी जल क्षेत्र के बीच गिरी। जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 2022 में उत्तर कोरिया ने 70 से ज्यादा मिसाइलों का परीक्षण किया, जिनमें 25 से ज्यादा मिसाइलें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से प्रतिबंधित श्रेणी की आईसीबीएम थीं। एजेंसी
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दक्षिण कोरिया और जापान चिंतित
चीन और उत्तर कोरिया की तरफ से बढ़ते खतरों को मद्देनजर रखते हुए दक्षिण कोरिया और जापान ने पिछले साल अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के कई कदम उठाए गए। जहां एक तरफ जापान ने 320 अरब डॉलर की योजना तैयार की है, जिससे वह अपने आत्मरक्षा बलों को दक्ष और सक्षम बनाएगा, वहीं दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया की हरकतों पर नजर रखने के लिए एडवांस ड्रोन फोर्स तैयार करने का एलान किया है। इसके लिए उत्तर कोरिया अपनी सेना को स्टील्थ ड्रोन देगा, जो उत्तर कोरिया में बिना अपनी मौजूदगी बताए जासूसी कर पाएंगे।
उत्तर कोरिया और जापान ने अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद में उठाते हुए अनुरोध भी किया था कि उ. कोरिया को भड़काऊ व प्रतिबंधित मिसाइल परीक्षण करने से रोका जाए, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।