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Myanmar: मानवाधिकारों की चिंता छोड़ टोयोटा मोटर ने म्यांमार में चालू कर दिया कारखाना

Thu, 13 Oct 2022 05:11 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 13 Oct 2022 05:11 PM IST
सार

Myanmar: टोयोटा का थिलवा प्लांट वहां स्थित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एसईजेड) में स्थित है। पर्यवेक्षकों ने कहा है कि म्यांमार इस गहरे सामाजिक और आर्थिक उथल-पुथल के दौर में है। देश के कई इलाकों में बागी गुटों की गतिविधियां तेज हो जाने से गृह युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है...

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Myanmar: Toyota Motor started its factory put on hold following coup
Toyota Myanmar Plant - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

कार निर्माता कंपनी टोयोटा मोटर ने मानव अधिकारों की चिंता छोड़ कर म्यांमार में अपने कारखाने को चालू कर दिया है। इस तरह उसने म्यांमार पर पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों की अनदेखी करने का निर्णय लिया है। इन प्रतिबंधों के कारण बीते एक साल यूरोप की कई कंपनियों ने म्यांमार में अपना कारोबार समेट लिया या कारोबार में कटौती की। लेकिन टोयोटा ने उनके विपरीत रुख लिया है।

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वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक विशेष खबर के मुताबिक टोयोटा कंपनी ने अपना नया कारखाना यंगून के करीब थिलवा में शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी सैनिक तख्ता पलट के पहले से काम कर रही थी। कारखाना फरवरी 201 में ही चालू होना था। लेकिन एक फरवरी 2021 को हुए तख्ता पलट के बाद टोयोटा ने वहां काम रोक दिया। मगर अब 19 महीने बाद उसने कारखाना चालू कर दिया है। म्यांमार की सेना ने फरवरी 2021 में निर्वाचित प्रतिनिधियों को शासन संभालने से रोक कर सत्ता पर कब्जा जमा लिया था। तब से देश पर म्यांमार पर पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं।

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टोयोटा का थिलवा प्लांट वहां स्थित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एसईजेड) में स्थित है। पर्यवेक्षकों ने कहा है कि म्यांमार इस गहरे सामाजिक और आर्थिक उथल-पुथल के दौर में है। देश के कई इलाकों में बागी गुटों की गतिविधियां तेज हो जाने से गृह युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। विद्रोहियों में नस्ल आधारित हथियार बंद कुछ समूहों के साथ-साथ नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के समर्थक भी शामिल हैँ। लेकिन इस हाल को नजरअंदाज कर टोयोटा ने कारखाना चालू किया है।

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अब मिली जानकारियों के मुताबिक टोयोटा ने इस साल अगस्त में एसईजेड के अधिकारियों को लिखित सूचना दी थी कि वह अपने कारखाने को चालू करने जा रही है। सितंबर में वहां उत्पादन शुरू हो गया। इस कारखाने में हिलुक्स पिकअप ट्रकों का उत्पादन होगा। ऐसी संभावना है कि यहां हर महीने कई दर्जन ऐसे ट्रक तैयार होंगे। खबरों के मुताबिक टोयोटा कंपनी इन ट्रकों की सप्लाई के लिए म्यांमार स्थित डीलरों से ऑर्डर स्वीकार करना शुरू कर चुकी है। हालांकि सीमित उत्पादन क्षमता के कारण कंपनी डीलरों को ऑर्डर की सप्लाई की निश्चित तारीख अभी नहीं बता रही है।

इस प्रोजेक्ट का एलान मई 2019 में हुआ था। तब बताया गया था कि टोयोटा इस कारखाने में पांच करोड़ 26 लाख डॉलर का निवेश करेगी। तब यहां हर साल ढाई हजार हिलुक्स ट्रकों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था।

इस वर्ष से जनवरी से अगस्त के बीच म्यांमार में मोटर वाहनों की कुल बिक्री लगभग 6,500 रही। सैनिक तख्ता पलट के पहले की तुलना में यह आधे से भी कम है। जानकारों के मुताबिक देश में वाहनों की पर्याप्त आपूर्ति ना होने के कारण बिक्री में गिरावट आई है। म्यांमार सरकार ने विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश में विदशों से मोटर वाहन आयात करने पर सीमा लगा रखी है। म्यांमार इस समय आर्थिक संकट में है। उसकी मुद्रा क्यात के भाव में हाल में और गिरावट आई है। लेकिन इन हालात के बीच भी टोयोटा ने जोखिम उठाने का फैसला किया है।

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