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Myanmar: सैनिक शासन के अंदर ही अब आम जिंदगी जीने लगे हैं म्यांमार के धनी-मानी लोग

Tue, 13 Dec 2022 03:35 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 13 Dec 2022 03:35 PM IST
सार

Myanmar: सैनिक तख्ता पलट के बाद यंगून में तकरीबन 80 फीसदी मनोरंजन स्थल ठप पड़ गए थे। उसके पहले कोविड-19 महामारी के कारण भी यही हाल था। तख्ता पलट के बाद महीनों तक लोगों ने यंगून के सबसे बड़े मॉल म्यांमार प्लाजा का बहिष्कार कर रखा था...

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Myanmar rich people have started living a normal life even under military rule
myanmar cafe - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

म्यांमार के शहरों में अब हलचल बढ़ने लगी है। रेस्तरां और बार में नौजवान ग्राहकों की अब अपेक्षाकृत अधिक भीड़ देखी जा रही है। कुछ पर्यवेक्षकों के मुताबिक ये नजारा इस बात का संकेत है कि युवा वर्ग देश में पौने दो साल से जारी राजनीतिक टकराव से ऊबने लगा है। म्यांमार की सेना ने एक फरवरी 2021 को निर्वाचित प्रतिनिधियों को जेल में डालते हुए देश की सत्ता पर कब्जा जमा लिया था। तब से देश में गृह युद्ध की स्थिति रही है। लेकिन अब शहरों में हालत बदलते दिख रहे हैं।

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वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक यंगून में नए खुले कैफे और रेस्तरां में अब कारोबार फूल-फल रहा है। टाइमऑफ नाम के एक कैफे के कर्मचारी ने निक्कई एशिया से कहा- ‘हमारे कैफे को काफी लोकप्रियता मिल रही है। खास कर नव युवतियों की यह पसंदीदा जगह बन गया हैं। वे लोग यहां आते हैं और एक दूसरे के फोटो खींचते हैं।’ उसी कैफे में एक 27 वर्षीय नौजवान ने निक्कई एशिया के रिपोर्टर से कहा- ‘नौजवान राजनीतिक संकट से ऊब गए हैं। इस हाल में साथ-साथ ड्रिंक लेने के अलावा हम और कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं।’

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यहां रेस्तरां चलाने वाले जापान उद्यमी शुनसुके इचिकावा ने कहा- ‘लोग थक गए हैं। खास कर नौजवान सह सकने की सीमा पार कर गए हैं।’ सप्ताहांत में कैफे में अब काफी भीड़ रहती है। वहां मौजूद एक ग्राहक ने कहा- ‘हमें रोज ही परेशान करने वाली खबरें मिलती हैं। मसलन, कहीं लोग मारे गए तो कहीं उन्हें लूट लिया गया है। हम अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैँ। इसके बीच कभी-कभी हम तनाव से निकलना चाहते हैं। इसके लिए अकसर मैं कैफे जाता हूं और वहां दोस्तों के बीच हम कुछ देर के लिए सब कुछ भूल जाते हैं।’

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सैनिक तख्ता पलट के बाद यंगून में तकरीबन 80 फीसदी मनोरंजन स्थल ठप पड़ गए थे। उसके पहले कोविड-19 महामारी के कारण भी यही हाल था। तख्ता पलट के बाद महीनों तक लोगों ने यंगून के सबसे बड़े मॉल म्यांमार प्लाजा का बहिष्कार कर रखा था। नवंबर 2021 में यहां सेना विरोधी प्रदर्शन के दौरान मॉल के सिक्योरिटी गार्ड्स ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की थी। उसके बाद बहिष्कार और बढ़ गया। लेकिन कुछ महीने पहले वहां लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी। वहां काम करने वाले एक सेल्स एसिस्टैंड ने बताया- अब तो पहले जैसा कारोबार हो रहा है।

यही हाल यंगून के सानचुआंग जिले में है। यंगून में इसे रेस्तरां केंद्र कहा जाता है। यहां अब ज्यादातर बार और रेस्तरां फिर खुल चुके हैं। उनमें रोज बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि सिर्फ मध्य वर्ग और धनी तबके के लोगों की जिंदगी सामान्य हुई है। दरअसल सिर्फ उनकी ही आर्थिक हालत ऐसी है, जो रेस्तरां और बार जैसी जगहों का खर्च उठा सकें।

शुनसुके इचिकावा ने निक्कई एशिया से कहा- ‘आम लोगों के खाने-पीने की जगहों पर अभी भी चहल-पहल नहीं है। महंगाई और बेरोजगारी के कारण ऐसे लोग अपना खर्च घटाने पर मजबूर हुए हैं।’ इस हाल में लोगों के लिए बाहर जाकर भोजन करना मुश्किल है। एक महिला ने बताया- कोरोना महामारी के पहले से तुलना करें, तो आम जगहों पर अभी 20 से 30 फीसदी तक ही बिक्री हो रही है।

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