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Myanmar: यूनियन डे पर म्यांमार सरकार की बड़ी घोषणा, 800 से अधिक कैदियों को रिहा करने के आदेश
Sat, 12 Feb 2022 01:15 PM IST
रोमा रागिनी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यांमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यांमार
Published by: रोमा रागिनी
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:15 PM IST
सार
म्यांमार के जुंटा ने कहा कि देश के सम्मान में 800 से अधिक कैदियों को रिहा किया जाएगा।
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म्यांमार में कैदी होंगे रिहा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
म्यांमार ने शनिवार को 814 कैदियों और 7 विदेशी कैदियों की सजा माफ करने की घोषणा की है। म्यांमार ने ये घोषणा यूनियन डे के डायमंड जुबली पर की है। पिछले साल भी 23 हजार कैदियों को रिहा किया गया था।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने अराकान सेना के 46 सदस्यों और इससे संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला बंद कर दिया है। हालांकि, इन लोगों पर अदालतों में मुकदमा चल रहा था। नांग खिन हटावे मिंट के पूर्व काईन के मुख्यमंत्री भी जेल में थे, उनकी भी सजा आधी कर दी गई है।
जुंटा के प्रवक्ता जॉ मिन टुन ने एएफपी को बताया कि जिन लोगों को माफी दी गई है, वे ज्यादातर वाणिज्यिक केंद्र यांगून की जेलों से हैं। देश के सम्मान में कैदियों को रिहा किया गया है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ऑस्ट्रेलियाई अकादमिक सीन टर्नेल रिहा होने वालों में शामिल हैं या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्र के प्रोफेसर टर्नेल नेता आंग सान सू की के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें सैन्य तख्तापलट के कुछ ही दिनों बाद पिछले फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। उन पर म्यांमार के आधिकारिक गुप्त कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो टर्नेल को 14 साल की जेल की सजा हो सकती है।
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एक रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2021 में तख्तापलट के बाद 31 जनवरी को आपातकाल की स्थिति को छह और महीनों के लिए बढ़ा दिया गया था। सैन्य तख्तापलट के बाद से, म्यांमार सुरक्षा बलों ने विरोध कुचलने के लिए कार्रवाई की। जिसमें 1,000 से अधिक नागरिक मारे गए और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने अराकान सेना के 46 सदस्यों और इससे संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला बंद कर दिया है। हालांकि, इन लोगों पर अदालतों में मुकदमा चल रहा था। नांग खिन हटावे मिंट के पूर्व काईन के मुख्यमंत्री भी जेल में थे, उनकी भी सजा आधी कर दी गई है।
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जुंटा के प्रवक्ता जॉ मिन टुन ने एएफपी को बताया कि जिन लोगों को माफी दी गई है, वे ज्यादातर वाणिज्यिक केंद्र यांगून की जेलों से हैं। देश के सम्मान में कैदियों को रिहा किया गया है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ऑस्ट्रेलियाई अकादमिक सीन टर्नेल रिहा होने वालों में शामिल हैं या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्र के प्रोफेसर टर्नेल नेता आंग सान सू की के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें सैन्य तख्तापलट के कुछ ही दिनों बाद पिछले फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। उन पर म्यांमार के आधिकारिक गुप्त कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो टर्नेल को 14 साल की जेल की सजा हो सकती है।
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एक रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2021 में तख्तापलट के बाद 31 जनवरी को आपातकाल की स्थिति को छह और महीनों के लिए बढ़ा दिया गया था। सैन्य तख्तापलट के बाद से, म्यांमार सुरक्षा बलों ने विरोध कुचलने के लिए कार्रवाई की। जिसमें 1,000 से अधिक नागरिक मारे गए और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया।