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म्यांमार: अपदस्थ नेता आंग सान सू की को पांच साल की कैद, नोबेल विजेता को भ्रष्टाचार के पहले मामले में सजा

Wed, 27 Apr 2022 10:17 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 27 Apr 2022 10:17 AM IST
सार

म्यांमार के विधि अधिकारी ने बताया कि सू की को भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू के खिलाफ भ्रष्टाचार के 11 आरोपों में से यह पहला केस है, जिसमें लोकतंत्र समर्थक नेता को सजा सुनाई गई है।

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Myanmar: Deposed leader Aung San Suu Kyi jailed for five years, Nobel laureate sentenced in first corruption case
आंग सान सू की को पांच साल की सजा - फोटो : amar ujala

विस्तार

म्यांमार की एक कोर्ट ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की को भ्रष्टाचार के पहले मामले में पांच साल की सजा सुनाई है। म्यांमार की सैन्य सरकार सू की के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई बंद कमरे में करा रही है। 

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म्यांमार के विधि अधिकारी ने बताया कि सू की को भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू के खिलाफ भ्रष्टाचार के 11 आरोपों में से यह पहला केस है, जिसमें लोकतंत्र समर्थक नेता को सजा सुनाई गई है। इन मामलों में प्रत्येक में अधिकतम 15 साल की सजा दी जा सकती है।

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जनवरी में सुनाई गई 4 साल की सजा
इससे पहले जनवरी 2022 में सू की को अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने और रखने एवं कोरोना प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के जुर्म में चार साल की सजा सुनाई गई थी।  समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार सू की पर वॉकी-टॉकी रखने का आरोप उस समय लगा था जब सैनिकों ने एक फरवरी, 2021 को सैन्य तख्तापलट के दिन सू ची के आवास पर छापा मारा था। उस दौरान कथित तौर पर प्रतिबंधित उपकरण बरामद किया गया था। सू की की सरकार को जुंटा  सैनिकों द्वारा बेदखल किए जाने के ठीक बाद म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ व्यापक विरोध दिखा जिसके बाद सेना ने खूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस हिंसा अब तक 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। सू की पर लगभग एक दर्जन मामले मुकदमे हैं, जिनमें अधिकतम 100 साल से अधिक की जेल की सजा हो सकती है। सू की को सैन्य सरकार ने अज्ञात स्थान पर रखा है। 
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चीन कर रहा सैन्य शासकों की मदद
एक फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने निर्वाचित सरकार का  तख्ता पलट कर सत्ता खुद संभाल ली थी। इसके बाद लोकतंत्र समर्थक आंग सान सू की समेत कई बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। तब से चीन से उन्हें लगातार सैन्य और अन्य प्रकार की मदद मिली है। हाल ही में चीन ने म्यांमार के सैनिक शासन के लिए मदद और बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि अपने इस रुख से चीन म्यांमार के सैनिक शासकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिशों में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। 


म्यांमार के राष्ट्रपिता की बेटी हैं सू की
आंग सान सू की  म्यांमार (बर्मा) की पूर्व प्रधानमंत्री, प्रमुख विपक्षी नेता और म्यांमार की नेशनल लीग फार डेमोक्रेसी की नेता हैं। वह बर्मा के राष्ट्रपिता आंग सान की पुत्री हैं। आंग सान की 1947 में राजनीतिक हत्या कर दी गई थी। सू की ने बर्मा में लोकतंत्र की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया। उन्हें 1991 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था। उन्होंने लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के चलते दशकों की जेल काटी है। 

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