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म्यांमार का तख्तापलट: लोकतंत्र की आस में बीते दो महीने, नहीं रुक पाई है हिंसा
Thu, 01 Apr 2021 05:02 PM IST
योगेश साहू
एजेंसी, यंगून।
एजेंसी, यंगून।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 01 Apr 2021 05:02 PM IST
सार
म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीने स्क्रेनर बर्गेनर ने बुधवार को आगाह किया कि देश में गृह युद्ध का खतरा मंडरा रहा है । उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लोकतंत्र बहाल करने के लिए ठोस कार्रवाई की संभावना पर विचार करने को कहा।
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म्यांमार में प्रदर्शनकारियों पर सेना की कार्रवाई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
म्यांमार में तख्तापलट के बाद लोकतंत्र बहाली की आस में दो माह बीत गए हैं, परंतु प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं नहीं रुकी हैं। सेना द्वारा तख्तापलट के दो महीने होने पर विभिन्न शहरों में लोगों ने बृहस्पतिवार को भी प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र को बहाल करने तथा हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने की मांग की।
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बता दें कि म्यांमार में एक फरवरी को तख्तापलट के बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है। पश्चिमी देशों द्वारा सैन्य शासन के खिलाफ पाबंदी के बावजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोलीबारी की घटनाएं जारी हैं।
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सूर्योदय के तुरंत बाद प्रदर्शन
देश के सबसे बड़े शहर यंगून में सूर्योदय के तुरंत बाद युवाओं के एक समूह ने प्रदर्शन में मारे गए 500 से ज्यादा लोगों की याद में बृहस्पतिवार को शोकगीत गाए। इसके बाद वे जुंटा शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए और अपदस्थ की गई नेता आंग सान सू की को रिहा करने तथा लोकतंत्र को बहाल करने की मांग करते हुए सड़कों पर निकले।
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मांडले तथा अन्य शहरों में भी प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। इससे पहले पुलिस ने कई जगह छापेमारी की और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी। यंगून में सेना की निवेश शाखा म्यांमार इकॉनोमिक होल्डिंग लिमिटेड की कुछ दुकानों में आग लगा दी गई। प्रदर्शन के शुरुआती दिनों से ही इन दुकानों को निशाना बनाया गया।
गृह युद्ध का खतरा मंडरा रहा
करिन प्रांत के कई इलाकों में शनिवार से दर्जनों नागरिकों के मारे जाने और 20,000 से ज्यादा लोगों के विस्थापित होने की भी सूचना मिली है। इलाके में राहत अभियान चलाने वाली संस्था 'फ्री बर्मा रेंजर्स' ने इस बारे में बताया।
म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीने स्क्रेनर बर्गेनर ने बुधवार को आगाह किया कि देश में गृह युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लोकतंत्र बहाल करने के लिए ठोस कार्रवाई की संभावना पर विचार करने को कहा।