फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Myanmar: After execution of pro-democracy activists, now a fear of retaliation from the rebel groups

Myanmar: म्यांमार में अब शहरों में हमले का अंदेशा, कार्यकर्ताओं को फांसी के बाद सुलगा गुस्सा

Tue, 02 Aug 2022 06:39 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 02 Aug 2022 06:39 PM IST
सार

Myanmar: म्यांमार के देहाती और दूर-दराज के इलाकों में गृह युद्ध जैसी हालत है। हाल के महीनों में सेना और बागी गुटों के बीच जारी ये लड़ाई सगैंग और मागवे क्षेत्रों तक पसर गई है, जिन्हें पहले शांत इलाका समझा जाता था...

विज्ञापन
Myanmar: After execution of pro-democracy activists, now a fear of retaliation from the rebel groups
Myanmar: म्यांमार की सेना - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को हाल में दी गई फांसी के बाद अब देश में बागी गुटों की तरफ से जवाबी हमले का अंदेशा बढ़ गया है। आशंका जताई गई है कि बागी गुट अब देश के मुख्य शहरों को निशाना बना सकते हैं। पूर्व सत्ताधारी दल नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के कार्यकर्ता कोव जिमी, हिप-हॉप स्टार फियो जायर थाव और दो अन्य कार्यकर्ताओं को पिछले हफ्ते मृत्यु दंड दे दिया गया। सेना विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें ये सजा बीते जनवरी में सुनाई गई थी।

विज्ञापन

 

म्यांमार के देहाती और दूर-दराज के इलाकों में गृह युद्ध जैसी हालत है। हाल के महीनों में सेना और बागी गुटों के बीच जारी ये लड़ाई सगैंग और मागवे क्षेत्रों तक पसर गई है, जिन्हें पहले शांत इलाका समझा जाता था। लेकिन अभी तक मुख्य शहर बागियों के हमले से बचे रहे हैं। समझा जाता है कि चार कार्यकर्ताओं को फांसी दिए जाने से सैनिक शासन विरोधी गुटों में गुस्सा और भड़क उठा है। इससे ये आशंका बढ़ गई है कि प्रमुख बागी गुट पीपुल्स डिफेंस फोर्सेज (पीडीएफ) अब शहरों को निशाना बना सकता है।

विज्ञापन

 

 

इसी अंदेशे के कारण बीते हफ्ते यंगून स्थित अमेरिकी दूतावास ने म्यांमार में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए खास चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया- ‘सबको यह सुझाव दिया जाता है कि वे सुरक्षा बलों से दूर रहें। साथ ही निजी हत्याओं और विस्फोटकों के जरिए होने वाले हमलों के लिए तैयार रहें। इन हमलों में सैनिक शासन से सहानुभूति रखने वाले लोगों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा सकता है।’ अमेरिकी चेतावनी में इस बात का जिक्र किया गया कि पीडीएफ ने अब शहरों को निशाना बनाने का आह्वान किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

भूमिगत विद्रोही गुट ऐसे हमले करने में कितने सक्षम हैं, अभी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। जुलाई में यंगून और म्यांमार के एक और प्रमुख शहर मंडाले में अपेक्षाकृति शांति रही। लेकिन जानकारों के मुताबिक हाल के हफ्तों में दूरदराज के इलाकों में हमले तेज हुए हैं। अभी तक पीडीएफ मुख्य रूप से सुरक्षा बलों और उनके सहयोगियों को ही निशाना बनाता रहा है। लेकिन अब आशंका है कि वह शहरों में आतंकवादी किस्म के हमले कर सकता है।

 

 

जुलाई के आरंभ में सिविल गुरिल्ला फोर्स (सीजीएफ-यंगून) नाम के एक अन्य बागी गुट ने एक बयान जारी किया था। उसमें उसने कहा था कि बड़ी संख्या में उसके सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इसलिए फिलहाल वह अपनी कार्रवाइयां रोक रहा है। इसके पहले इस गुट ने सैनिक शासक जनरल मिन आंग हलायंग की बहन के यंगून स्थित घर पर 11 जुलाई को हमला किया था। पर्यवेक्षकों के मुताबिक चार कार्यकर्ताओं को फांसी के बाद भड़के गुस्से का फायदा उठा कर ये समूह अपने को फिर से संगठित कर सकता है। इस गुट को शहरों में हमला करने में माहिर समझा जाता है।

 

वेबसाइट एशिया टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सैनिक शासन ने शहरों में अशांति रोकने के लिए बीते डेढ़ साल में सख्त दमन का रास्ता अख्तियार किया है। इसके बावजूद शहरों में तैनात सुरक्षा बलों पर भविष्य में हमला होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए बागी गुटों में आपसी तालमेल की भी आशंका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed