फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Murdered British Indian teen's family accuse police of 'ongoing mismanagement'

UK: भारतवंशी लड़की की मौत के मामले में परिवार ने पुलिस पर लगाए कुप्रबंधन के आरोप, कहा- हम चुप नहीं बैठेंगे

Tue, 27 Feb 2024 03:18 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 27 Feb 2024 03:18 PM IST
सार

एक जांच में पाया गया था कि जांचकर्ता पुलिसकर्मियों ने लड़की की चोटों से जुड़ी डिटेल्स वॉट्सएप पर साझा की थीं। 11 पुलिसकर्मियों पर सामग्री देखने का आरोप लगा था। तीन को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

विज्ञापन
Murdered British Indian teen's family accuse police of 'ongoing mismanagement'
ग्रेस ओ-मैली कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ब्रिटेन में हुई भारतीय मूल की एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में नई-नई शिकायतें सामने आ रही हैं। लड़की और उसके दोस्त के परिवार वालों ने पुलिस पर मामले से निपटने में कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। दरअसल, पिछले साल नॉटिंघम में मेडिकल की छात्रा ग्रेस ओ-मैली कुमार अपने दोस्त बार्नाबी वेबर के साथ यूनिवर्सिटी वापस जा रही थी, तभी उन के साथ चाकूबाजी की घटना हुई थी, जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। बताया गया है कि पुलिस ने घटना से जुड़े कई संदेश अपने परिवारों से साझा किए थे, जो कि ड्यूटी नियमों के खिलाफ थे।

विज्ञापन


हम लोग शांति से नहीं बैठेंगे
एक रिपोर्ट के अनुसार, कुमार और वेबर परिवारों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि नॉटिंघमशायर पुलिस के इस व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए और बदलाव लाने चाहिए। हम लोग शांति से नहीं बैठेंगे, जब तक बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन


11 पुलिस पर आरोप
एक जांच में पाया गया था कि जांचकर्ता पुलिसकर्मियों ने लड़की की चोटों से जुड़ी डिटेल्स वॉट्सएप पर साझा की थीं। 11 पुलिसकर्मियों पर सामग्री देखने का आरोप लगा था। तीन को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा, लेकिन आठ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसी और निर्दोष परिवार के साथ न हो
इस पर दोनों पीड़ितों के परिवारों ने कहा, 'हम चुप नहीं रहेंगे। इस व्यवहार पर ध्यान दिया जाना चाहिए और तत्काल बदलाव किए जाने चाहिए क्योंकि अन्य निर्दोष परिवारों के साथ ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने लंबा बयान इसलिए भेजा क्योंकि हमारी गंभीर चिंताओं और नॉटिंघम पुलिस द्वारा चल रहे कुप्रबंधन को प्रकाश में लाया जाए।'

मीडिया को रिपोर्ट करने से रोका
परिवारों ने पिछले हफ्ते आयोजित हुई ऑफ-द-रिकॉर्ड प्रेस ब्रीफिंग के लिए भी पुलिस की आलोचना की। इस  प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से कहा गया था कि वे चर्चा की गई जानकारी की रिपोर्ट नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'हमें इस बात का कोई उचित तर्क नहीं मिला कि पुलिस ने मीडिया से उनके आचरण या जांच पर रिपोर्टिंग करने से रोकने का प्रयास क्यों किया।'


25 जनवरी को आरोपी को भेजा था मानसिक चिकित्सा केंद्र
गौरतलब है, 25 जनवरी को 32 वर्षीय कैलोकेन को नॉटिंघम क्राउन कोर्ट में सुनवाई के बाद मानसिक चिकित्सा केंद्र में हिरासत में भेज दिया गया था। इस घटना पर ग्रेस के साथ जान गंवाने वाली एमा वेबर की मां ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने जांच के तरीकों पर सवाल उठाए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed