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Singapore: विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन बोले- चुनाव प्रक्रिया में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी पर EC करेगा फैसला
Tue, 21 Feb 2023 02:38 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, सिंगापुर।
पीटीआई, सिंगापुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 21 Feb 2023 02:38 AM IST
सार
मुरलीधरन ने कहा कि हमें चुनाव आयोग को प्रक्रिया के तार्किक हिस्से पर काम करने और समाधान निकालने के लिए समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भारतीय मूल के 3.4 करोड़ लोग फैले हुए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन देशों में भारत के लिए सेतु मानते हैं।
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विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन और सिंगापुर के दूसरे विदेश मंत्री मलिकी उस्मान।
- फोटो : Twitter@MOS_MEA
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विस्तार
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि चुनाव प्रक्रिया में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी पर चुनाव आयोग फैसला करेगा। मुरलीधरन दो दिवसीय दौरे पर सिंगापुर में हैं। प्रवासी भारतीयों के साथ यहां एक बैठक के दौरान एक सवाल के जवाब में मुरलीधरन इस बात पर सहमत हुए कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने में सक्षम होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह अंततः चुनाव आयोग द्वारा ही इसका फैसला किया जाना है।
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मुरलीधरन ने कहा कि हमें उन्हें (चुनाव आयोग को) प्रक्रिया के तार्किक हिस्से पर काम करने और समाधान निकालने के लिए समय देना चाहिए। उन्होंने विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की चुनावों में भाग लेने और भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने की इच्छा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भारतीय मूल के 3.4 करोड़ लोग फैले हुए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन देशों में भारत के लिए सेतु मानते हैं, जहां वे काम कर रहे हैं और रह रहे हैं।
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प्रवासी भारतीयों के साथ बैठक के दौरान मुरलीधरन ने यूक्रेन-रूस संघर्ष पर भारत के रुख को भी दोहराया। यूक्रेन-रूस संघर्ष में भारत की भूमिका पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही जब यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष छिड़ा था, हमारा मानना है कि इसे कूटनीतिक तरीकों और बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए और उन्हें एक दूसरे से जुड़ना होगा।
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भारत ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के लिए रूस की सार्वजनिक रूप से आलोचना नहीं की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा था कि "आज का युग युद्ध का नहीं है"। पिछले साल समरकंद में पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी की इस सार्वजनिक टिप्पणी का विश्व के नेताओं ने स्वागत किया था और यहां तक कि इंडोनेशिया में जी-20 घोषणापत्र में भी इसका उल्लेख किया गया था।
इससे पहले दिन में मुरलीधरन ने सिंगापुर के दूसरे विदेश मंत्री डॉक्टर मोहम्मद मलिकी उस्मान से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने द्विपक्षीय वार्ता के हिस्से के रूप में द्विपक्षीय मुद्दों, हरित ऊर्जा, स्टार्टअप और फिनटेक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रतिभाशाली और कुशल भारतीय जनशक्ति और सिंगापुर की प्रगति में वे जो भूमिका निभा सकते हैं उस पर भी चर्चा की गई। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।