फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Mukesh Aghi said India-US partnership to grow regardless of who wins presidential election

US Presidential Debate:'चुनाव में चाहे कोई भी जीते भारत-अमेरिका संबंध आगे बढ़ते रहेंगे', USISPF प्रमुख का दावा

Fri, 06 Sep 2024 10:04 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 06 Sep 2024 10:04 AM IST
सार

अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं साझेदारी मंच के प्रमुख ने कहा कि दोनों देशों के बीच भौगोलिक राजनीतिक जुड़ाव बहुत-बहुत मजबूत है। इसलिए, चाहे कोई भी जीते ट्रंप या कमला हैरिस, साझेदारी उस दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।
 

विज्ञापन
Mukesh Aghi said India-US partnership to grow regardless of who wins presidential election
डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। ऐसे में, रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से कमला हैरिस मैदान में हैं। दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। इस बीच, यूएसआईएसपीएप अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में चाहे कोई भी जीते, भारत-अमेरिका संबंध आगे बढ़ते रहेंगे। 

विज्ञापन


अमेरिकी भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए भारत महत्वपूर्ण
अघी ने गुरुवार को कहा कि दोनों देशों के बीच भूराजनीतिक रिश्ते बहुत मजबूत है। उन्होंने आगे कहा, 'इसके क्या आशय हैं चाहे कोई भी सत्ता में आए? मुझे लगता है कि भारत अमेरिकी भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। वह आक्रामक चीन को रोकने की कोशिश कर रहा है। इससे भारत का भी हित जुड़ा हुआ है। उसे एक ऐसे पड़ोसी से निपटने के लिए भागीदार मिल गया है जो भारत को कभी भी बराबर के भागीदार के रूप में स्वीकार नहीं करेगा।'
विज्ञापन


अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के प्रमुख ने कहा कि दोनों देशों के बीच भौगोलिक राजनीतिक जुड़ाव बहुत-बहुत मजबूत है। इसलिए, चाहे कोई भी जीते ट्रंप या कमला हैरिस, साझेदारी उस दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


 अमेरिका और चीन के तनाव...
अघी ने कहा कि अमेरिका और चीन के तनाव के बीच अमेरिकी कॉरपोरेट सेक्टर उस आपूर्ति श्रृंखला को जोखिम से मुक्त करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हां, वियतनाम, कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देश आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन कोई भी देश भारत जितना नहीं दे सकता। इसलिए आपूर्ति श्रृंखला के जोखिम को कम करने में भारत महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत इनमें से कई कंपनियों के लिए एक बाजार भी बन जाता है।

उन्होंने कहा, 'इसके बाद हमारे यहां भारतीय-अमेरिकी प्रवासी हैं, जो आबादी का करीब एक फीसदी है और जीडीपी का करीब छह फीसदी है। वे दोनों देशों के बीच बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए चाहे जो भी आए, संबंध गहरे, व्यापक और अधिक मजबूत होते रहेंगे।'




उन्होंने आगे कहा कि विदेश नीति और भारत-अमेरिका संबंधों का ट्रंप और हैरिस के नेतृत्व पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'आपको शैली समझनी होगी। ट्रंप की शैली बहुत ही लेन-देन की है, जबकि बाइडन और कमला हैरिस बहुत संरचनात्मक रहे हैं।' यूएसआईएसपीएफ प्रमुख ने भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की भी सराहना की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed