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WHO: अफ्रीका में फैला एमपॉक्स वायरस का नया वैरिएंट, कांगो सबसे अधिक प्रभावित; वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित

Thu, 15 Aug 2024 12:06 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 15 Aug 2024 12:06 AM IST
सार

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेस ने वायरस के लगातार विस्तार पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एमपॉक्स वायरस कुछ ऐसा है, जिससे हम सभी को चिंतित होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका और उससे आगे इसके फैलने की संभावना बहुत चिंताजनक है।

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Mpox virus new variant spreading in Africa WHO declared global health emergency
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

अफ्रीका के 13 देश इन दिनों एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) के प्रकोप से जूझ रहे हैं। इनमें 96 फीसदी से अधिक मामले केवल कांगो में मिले हैं। वहीं, अब कांगो से एमपॉक्स का नया वैरिएंट फैलना शुरू हो गया, जिसमें मृत्यु दर करीब 3-4 फीसदी है, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कांगो और अफ्रीकी देशों में एमपॉक्स के प्रकोप को वैश्विक आपातकाल घोषित कर दिया है। वहीं,  इस वायरस के लिए अफ्रीका महाद्वीप में सीमित मात्रा में टीका उपलब्ध है।

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अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने इस सप्ताह की शुरुआत में एमपॉक्स के प्रकोप को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बताया था, जिसके चलते करीब 500 से अधिक मौते हो चुकी हैं। वहीं, केंद्र ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की। 
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डब्ल्यूएचओ महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने वायरस के लगातार विस्तार पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एमपॉक्स वायरस कुछ ऐसा है, जिससे हम सभी को चिंतित होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका और उससे आगे इसके फैलने की संभावना बहुत चिंताजनक है। टेड्रोस ने कहा कि अधिकारी विभिन्न देशों में संचरण के विभिन्न तरीकों और जोखिम के विभिन्न स्तरों के साथ एमपॉक्स के कई प्रकोपों का सामना कर रहे हैं।
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96 फीसदी से अधिक मामले केवल कांगो में 
इससे पहले अफ्रीका सीडीसी ने कहा था कि एमपॉक्स वायरस इस साल 13 देशों में पाया गया है। सभी मामलों और मौतों में से 96 फीसदी से अधिक कांगो में हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मामले 160 फीसदी और मौतें 19 फीसदी अधिक हैं। यहां अब तक 14 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं और 524 लोगों की मौत हो चुकी है। अफ्रीका सीडीसी के अधिकारियों ने कहा कि कांगो में लगभग 70 फीसदी मामले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में हैं, जो 85 फीसदी मौतों के लिए भी जिम्मेदार हैं।


2022 में 70 से अधिक देशों को किया था प्रभावित
अफ्रीका सीडीसी आपातकालीन समूह की अध्यक्षता करने वाले दक्षिण अफ्रीकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ सलीम अब्दुल करीम ने कहा, अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां मंकीपॉक्स मध्य अफ्रीका और उसके आसपास के कई पड़ोसी देशों के लिए खतरा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि कांगो से फैल रहे एमपॉक्स के नए संस्करण में मृत्यु दर लगभग 3-4 फीसदी है। जबकि, वैश्विक 2022 में एमपॉक्स ने 70 से अधिक देशों को प्रभावित किया था। हालांकि, इस दौरान एक फीसदी से भी कम लोगों की मृत्यु हुई थी। 

कांगो ने मांगी 4 मिलियन खुराक
कांगो के मंकीपॉक्स रिस्पांस कमेटी के समन्वयक क्रिस कैसिटा ओसाको ने बताया कि कांगो के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने एमपॉक्स वैक्सीन की 4 मिलियन खुराक मांगी है। कहा कि इनका इस्तेमाल ज्यादातर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान दो ऐसे देश हैं, जिन्होंने हमारे देश को टीके देने के लिए खुद को तैयार किया है।

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