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किशोरों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अधिक नींद जरूरी

Sun, 29 Dec 2019 05:00 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 29 Dec 2019 05:00 AM IST
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More sleep is necessary for the mental and physical development of teenagers
Sleep

स्वास्थ्य अच्छा हो इसके लिए बड़ों के साथ किशोरों को भी अच्छी और पर्याप्त नींद लेनी होगी। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित रोचेस्टर यूनिवर्सिटी में हुए शोध में इसका खुलासा हुआ है। शोध में पता चला है कि 18 साल की उम्र तक के किशोरों को भी पर्याप्त या अधिक नींद लेनी चाहिए। अभिभावकों को इस पर ध्यान देना होगा इस उम्र के युवाओं का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

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स्लीप एक्सपर्ट डॉ. नील स्टैनली का कहना है कि किशोरावस्था में नींद बहुत जरूरी है, इसका सीधा संबंध मस्तिष्क, शारीरिक विकास और मानसिक स्वास्थ्य से होता है। सोने का समय तय हो तो पूरी जिंदगी इसका फायदा मिलता है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर पर्याप्त या अधिक नींद लेंगे तो उनका मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होगा। हालांकि अधिकतर अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए न तो सोने का समय तय किया है और न ही सोने के समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल को लेकर कोई नियम बनाया है। इसका नतीजा ये है कि बच्चे देर रात तक जगे रहते हैं। नींद पूरी न होने से शारीरिक और मानसिक विकास पर असर होता है।

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जो बच्चे ज्यादा सोए उनमें अधिक ऊर्जा

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन 16 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों के सोने को लेकर समय बनाया। वे बच्चे हर रात औसत से छह मिनट अधिक सोए जिसके चलते उनमें अधिक ऊर्जा दिखी। ऐसे बच्चों में तनाव और अवसाद की शिकायत भी कम रही।

सात रात तक बच्चों और अभिभावकों की निगरानी

वैज्ञानिकों ने 14 से 17 वर्ष की उम्र के 193 युवाओं पर अध्ययन किया जिसमें सात दिन तक अभिभावकों और बच्चों की निगरानी की गई। इसमें पता चला कि 74 फीसदी मामलों में अभिभावकों ने बच्चों के सोने का समय तय नहीं किया है। वहीं 48 फीसदी ने शाम के समय बच्चों द्वारा ली जाने वाली कैफीन की मात्रा पर भी कोई नियंत्रण नहीं किया।

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