पाकिस्तान में नाबालिग हिंदू लड़कियों का कराया जा रहा जबरन धर्म परिवर्तन
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पाकिस्तान में छोटी उम्र की हिंदू लड़कियों को अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन कराना कोई नई बात नहीं है। एक तरफ पाकिस्तान कहता है कि वह अपने यहां अल्पसंख्यकों के साथ अच्छा व्यवहार करता है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पाकिस्तान की पोल खुल जाती है।
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पाकिस्तान में छोटी उम्र की हिंदू लड़कियों को अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन कराना कोई नई बात नहीं है। एक तरफ पाकिस्तान कहता है कि वह अपने यहां अल्पसंख्यकों के साथ अच्छा व्यवहार करता है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पाकिस्तान की पोल खुल जाती है।
पाकिस्तानी पत्रकार कपिल देव ने ट्वीट कर सवाल किया है, "आखिर नाबालिग हिंदू लड़कियां ही इस्लाम से क्यों प्रभावित होती हैं? क्यों अधिक उम्र वाले मर्द या औरतें इससे प्रभावित नहीं होते? क्यों धर्मपरिवर्तन के बाद लड़कियां केवल पत्नियां बनती हैं, बेटियां या बहनें नहीं बनतीं?
Why only teenage Hindu girls get "inspired" by teachings of Islam?
— Kapil Dev (@KDSindhi) March 22, 2019
Why don't aged women or men get inspired by the teachings?
Why converted girls don't become daughters or sisters? Why only wives?
I have so far failed to receive any logical argument or answer of this question
पाकिस्तान में ट्विटर पर #StopForcedConversions का हैश टैग भी खूब चला।
हाल ही में सिंध प्रांत में होली के अवसर पर घोटकी से दो नाबालिग हिंदू बहनों को अगवाकर उनका धर्म परिवर्तन किया गया। इस्लामिक रिवाज के अनुसार जबरन दोनों की शादी भी करवा दी गई। इस मामले में करीब सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना के बाद से पाकिस्तान में हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
दोनों बहन 13 वर्षीय रवीना और 15 वर्षीय रीना को रसूखदार लोगों ने कथित रूप से अगवा कर लिया। उनके अपहरण के कुछ वक्त बाद ही, एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक काजी कथित रूप से दोनों का निकाह (शादी) कराते हुए दिख रहा था।
इसने देशभर में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया। लड़कियों के परिवार ने उनके इस्लाम में कथित धर्म परिवर्तन को लेकर 20 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो वायरल हो जाने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए थे।
ये मामला सुलझता इससे पहले एक और हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया। इस लड़की का नाम सोनिया भील बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सोनिया का अपहरण करने के बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार बिलाल फारुकी ने ट्वीट कर इस नए अपहरण और धर्म परिवर्तन की जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'एक और हिंदू लड़की सोनिया भील का सिंध में अपहरण कर लिया गया।'
Another Hindu girl, a teenager named Sonia Bheel, reportedly abducted in Sindh. This comes after the recent alleged abduction and forced conversion of two other Hindu girls Raveena and Reena. Why is the govt failing to provide security to minorities? pic.twitter.com/d81xELVbc6
— Bilal Farooqi (@bilalfqi) March 24, 2019
वर्तमान में यहां हिंदू धर्म का अनुसरण करने वालों की संख्या कुल जनसंख्या का 1.6 फीसदी है। यानी 36 लाख। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बीते 50 सालों में पाकिस्तान में बसे 90 फीसदी हिंदू देश छोड़ चुके हैं। धीरे-धीरे उनके पूजा स्थल और मंदिर भी नष्ट किए जा रहे हैं। हिंदुओं की संपत्ति पर जबरन कब्जे के कई मामले सामने आ रहे हैं। वहीं हिंदू लड़कियों का अपहरण कर उनका धर्म परिवर्तन कराना भी आम हो गया है।
हिंदू और ईसाई लड़कियां आम शिकार
क्या होती है कार्रवाई?
रिपोर्ट के मुताबिक कम उम्र की लड़कियों को ही अधिक निशाना बनाया जाता है। इन लड़कियों की उम्र 12 से 15 साल के बीच होती है।
क्या होता है शिकायत दर्ज करवाकर?
2012 में रिंकल बनी थी शिकार
ऐसा केवल रिंकल के मामले में ही नहीं हुआ। बल्कि कई मामलों में हुआ है। लड़कियों से दबाव में ये बयान दिलवाए जाते हैं।
हिंदुओं की नहीं सुन रही पाक सरकार
अब इन घटनाओं से पाकिस्तान में धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले लोगों को भी ये अंदेशा है कि स्थिति और बिगड़ सकती है। अखिल भारतीय हिंदू अधिकार संगठन के अध्यक्ष किशनचंद परवानी का कहना है कि धर्मांतरण की घटना से वह बेहद दुखी हैं। उनका कहना है, "रोजाना ये समस्या बढ़ती जा रही है। सरकार समस्या को सुझाने की कोशिश नहीं कर रही है।"
बता दें पाकिस्तान की सरकार साल 2008 में हिंदू विवाह कानून पास नहीं कर पाई थी। इस कानून के तहत पाकिस्तान में हिंदुओं को अपनी शादी रजिस्टर करने का मौका मिलता। वहीं धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस्लाम जबरन किसी का धर्म परिवर्तन कराने की इजाजत नहीं देता है।